रायपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। इस बार प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता डॉ. नंद कुमार साय के बयान ने इस मुद्दे को नई हवा दे दी है। साय ने दावा किया है कि प्रदेश में आदिवासी समाज के साथ-साथ साहू समाज और अन्य समुदायों में भी बड़े पैमाने पर धर्मांतरण हो रहा है। उन्होंने इसे सामाजिक और सांस्कृतिक चुनौती बताते हुए चिंता जताई है।
दिलचस्प बात यह है कि राज्य में धर्म स्वतंत्रता कानून लागू होने के बावजूद धर्मांतरण के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर कानून की प्रभावशीलता और उसके क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं।
आदिवासी इलाकों में लंबे समय से उठता रहा है मुद्दा
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में धर्मांतरण को लेकर लंबे समय से विवाद और विरोध देखने को मिलता रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाज की बैठकों में भी इस विषय पर चिंता जताई जाती रही है। इन्हीं विवादों के बीच राज्य सरकार ने धर्म स्वतंत्रता विधेयक विधानसभा में पारित किया था। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून लागू हुआ, लेकिन इसके बावजूद धर्मांतरण के आरोप थमते नजर नहीं आ रहे हैं।
कांग्रेस ने सरकार से पूछा- कानून बना तो कार्रवाई क्यों नहीं?
नंद कुमार साय के बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नंद कुमार साय प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं और उनके बयान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार धर्म स्वतंत्रता कानून लागू कर चुकी है तो फिर धर्मांतरण की घटनाएं क्यों नहीं रुक रही हैं और दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
भाजपा का पलटवार, कांग्रेस शासन को ठहराया जिम्मेदार
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में खुलेआम धर्मांतरण होता था। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि भाजपा सरकार धर्मांतरण के मामलों में कार्रवाई कर रही है और समाज के लोग भी अब इसके खिलाफ अधिक जागरूक और सजग हो चुके हैं।
राजनीतिक मुद्दा बना धर्मांतरण
धर्मांतरण का मुद्दा अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। एक ओर विपक्ष सरकार से कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा पिछली कांग्रेस सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक गर्माने की संभावना है।