छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक औद्योगिक विकास के साथ-साथ हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। राजधानी रायपुर में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और अब पर्यावरण अनुकूल विकास को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हरित अर्थव्यवस्था भविष्य की आवश्यकता है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।
नीति निर्माण और विशेषज्ञों के संवाद का मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलनों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहां नीति निर्माण से जुड़े प्रतिनिधि, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद एक मंच पर एकत्रित होकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करते हैं। ऐसे मंचों से प्राप्त सुझाव और अनुभव राज्य की विकास नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती को देखते हुए केवल चर्चा ही नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाना भी समय की मांग है।
पर्यावरण संरक्षण में परंपरा और विकास का संतुलन
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश में विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने की सोच लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की नीति पर कार्य कर रही है। भारतीय परंपरा में प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की संस्कृति हजारों वर्षों से रही है और आज उसी विचार को आधुनिक नीतियों में भी स्थान दिया जा रहा है।
स्टील उद्योग में हरित तकनीक पर जोर
छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इस्पात उत्पादन केंद्रों में से एक माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इस क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए ग्रीन स्टील जैसी नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में औद्योगिक क्षेत्र को भी पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाना आवश्यक होगा।
वन क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण की वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त वन और वृक्ष आवरण में वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की नीतियों, जनभागीदारी और पर्यावरण के प्रति लोगों की जागरूकता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और विस्तार राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सौर ऊर्जा और जैव ईंधन में बढ़ती संभावनाएं
राज्य सरकार सौर ऊर्जा के प्रसार को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है। सोलर रूफटॉप योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को ऊर्जा उत्पादक बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही बायो-एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं भी उभर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियानों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
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