कल से नए साल की शुरुआत होने जा रही हैं. हैरानी की बात ये है कि अभी तक भोपाल समेत प्रदेश भर में एक बार भी शीततलहार नही चली है. आम तौर पर दिसंबर और जनवरी का महीना सबसे ठंडा माना जाता है. मगर इस साल पूरे प्रदेश भर में दिसंबर का महीना पिछले 33 साल के मुकाबले काफी नॉर्मल रहा हैं. साल के आखिरी महीने में भी कड़ाके की ठंड कही नहीं पड़ी है. वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिको ने कहा कि महीने के अधिकतर दिन रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रहा हैं. ऐसा मौसम 34 साल बाद देखने को मिला है. मध्य प्रदेश में ठंड कम पड़ने की वजह से किसानों को भी काफी निराशा देखने को मिली है. गेंहू की फसलों पर भी इसका असर दिख रहा हैं.
प्रशांत महासागर में अलनीनो अभी भी सक्रिय है. जिसके कारण मौसम में डिस्टर्बेंस देखने को मिल रहा
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