मध्यप्रदेश में बच्चों में कुपोषण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 3.6 लाख से अधिक बच्चे आज भी कुपोषण का शिकार हैं। यह स्थिति तब है, जब सरकार ने एक साल पहले सात लाख से अधिक बच्चों का कुपोषित होना चिन्हित किया था। पहचान होने के बावजूद कुपोषित बच्चों को पोषण उपलब्ध न करा पाना भाजपा सरकार की नीति और नीयत दोनों की नाकामी है।
मध्यप्रदेश सरकार को कुपोषण समाप्त करने के लिए ना सिर्फ़ बजट बढ़ाना चाहिए बल्कि बजट की बंदरबांट को भी रोकना चाहिए। किसी भी स्थिति में मध्यप्रदेश के माथे से कुपोषण का कलंक हटाना ज़रूरी है।
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