मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित लाड़ली बहना योजना प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जाती है। इस योजना के माध्यम से राज्य की करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा कर सकें और आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकें। वर्तमान में प्रदेश की लगभग 1.28 करोड़ महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं।
34वीं किस्त का इंतजार जल्द होगा खत्म
योजना की अब तक 33 किस्तें लाभार्थी महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी हैं और अब 34वीं किस्त का इंतजार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस बार की किस्त 15 मार्च तक महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। प्रदेश सरकार द्वारा हर महीने निर्धारित समय पर यह राशि भेजने की परंपरा रही है, इसलिए लाभार्थी महिलाएं भी इस किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं।
पहले ₹1000 मिलते थे, अब मिलते हैं ₹1500
योजना की शुरुआत के समय महिलाओं को प्रति माह ₹1000 की सहायता राशि दी जाती थी। बाद में सरकार ने इस राशि में वृद्धि करते हुए इसे ₹1500 प्रति माह कर दिया। इस फैसले से लाखों महिलाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिला है और योजना की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ी है।
मोबाइल पर संदेश न आए तो घबराने की जरूरत नहीं
कई बार ऐसा देखा गया है कि बैंक खाते में राशि ट्रांसफर हो जाती है लेकिन मोबाइल पर संदेश नहीं आता। ऐसी स्थिति में कई महिलाएं चिंतित हो जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संदेश नहीं भी आता है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि तकनीकी कारणों से संदेश में देरी हो सकती है। लाभार्थी महिलाएं बैंक खाते की जानकारी अन्य माध्यमों से भी जांच सकती हैं।
कुछ आसान तरीकों से तुरंत करें जांच
यदि किसी महिला को यह पता करना हो कि राशि खाते में आई है या नहीं, तो वह बैंक की पासबुक अपडेट कराकर, एटीएम से बैलेंस जांचकर या मोबाइल बैंकिंग सुविधा के माध्यम से आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकती है। इन सरल तरीकों से कुछ ही क्षणों में यह पता चल जाता है कि योजना की किस्त खाते में जमा हुई है या नहीं।
Comments (0)