भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट बुधवार को विधानसभा में पेश किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा बजट भाषण देंगे। साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक के अनुमानित बजट में रोजगार, किसानों, कर्मचारियों और आधारभूत संरचना विकास पर विशेष जोर रहने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने आगामी तीन वर्षों के विकास का खाका तैयार होने की बात भी कही है।
सीमित संसाधनों में संतुलन बड़ी चुनौती
यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब केंद्रीय करों में हिस्सेदारी कम होने का अनुमान है। 1 अप्रैल 2026 से 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होने पर राज्य को करीब 7,726 करोड़ रुपये कम मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में सरकार के सामने आय और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना अहम चुनौती होगी। सूत्रों के मुताबिक, इस बार बहुत बड़ी नई घोषणाएं सीमित रह सकती हैं।
साढ़े चार लाख करोड़ से अधिक का संभावित आकार
वित्त वर्ष 2026-27 का कुल बजट आकार 4.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहने का अनुमान है। इसमें वेतन, भत्ते, पेंशन और ब्याज भुगतान पर करीब 42 प्रतिशत राशि खर्च हो सकती है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनरों की राहत बढ़ाने का सीधा ऐलान भले न हो, लेकिन इसके लिए बजट में प्रावधान रखा जा सकता है।
लाड़ली बहना समेत सामाजिक योजनाओं पर जोर
सरकार की प्रमुख योजना लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह सहायता जारी रहने की संभावना है, जिसके लिए करीब 22 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।
इसके अलावा इन योजनाओं पर भी फोकस रह सकता है:
नल-जल योजना
बिजली बिल अनुदान
विकसित भारत ग्राम योजना
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सीएम हेल्थ केयर योजना
आंगनबाड़ी और स्कूलों में टेट्रा पैक दूध वितरण
3 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र और अस्पतालों का उन्नयन
नए सांदीपनि विद्यालय
50 हजार नौकरियों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा
सरकार रोजगार सृजन पर जोर देते हुए करीब 50 हजार नई भर्तियों की दिशा में कदम उठा सकती है। साथ ही कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स की घोषणा की भी उम्मीद है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी की तैयारी
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय को 85 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर लगभग 95 हजार करोड़ रुपये तक किया जा सकता है। सड़कों, सिंचाई, बिजली और शहरी परियोजनाएं सरकार की प्राथमिकता में रहेंगी।
राजस्व बढ़ाने के लिए सख्त कदम
राज्य की आय बढ़ाने के लिए सरकार बकाया कर वसूली पर फोकस करेगी। नगरीय निकायों और पंचायतों की कर व्यवस्था सुधारने, आबकारी नीति में बदलाव कर शराब दुकानों की छोटी इकाइयों में नीलामी और खनिज क्षेत्र में डिजिटल नीलामी प्रक्रिया तेज करने की तैयारी है।
सिंहस्थ 2028 और ई-विधान परियोजना
वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले के लिए बजट में 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान संभव है। विधानसभा की कार्यप्रणाली को डिजिटल बनाने के लिए ई-विधान परियोजना के तहत विधायकों को टैबलेट दिए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री भी टैबलेट के माध्यम से बजट भाषण पढ़ सकते हैं। बजट को अंतिम मंजूरी देने के लिए सुबह 10 बजे कैबिनेट बैठक आयोजित होगी।
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