मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को चौथा दिन है। आज सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर विस्तृत चर्चा होगी। इससे पहले सोमवार को राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने संबोधन में मोहन यादव सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से प्रदेश में आए बदलावों का उल्लेख किया था। साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में मध्य प्रदेश की भूमिका और योगदान पर भी प्रकाश डाला था।
राज्यपाल ने कहा था कि देश उस दौर में प्रवेश कर चुका है जिसे नरेंद्र मोदी ने ‘अमृत काल’ की संज्ञा दी है। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल, भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य, वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवासों के निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के प्रयास और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन का जिक्र किया था। हालांकि अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा भाषण में शामिल नहीं किया गया। इस पर विपक्ष ने नारेबाजी की, लेकिन हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना संबोधन जारी रखा। राज्यपाल के प्रस्थान के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो अंश पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
6 मार्च तक चलेगा सत्र
विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ था। इस सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे। वहीं शून्यकाल में 83 प्रश्न सूचीबद्ध हैं।
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