रायगढ़ में बुधवार को हावड़ा-मुंबई जैसे व्यस्त रेलमार्ग पर बड़ा हादसा टल गया। रायगढ़ रेलवे स्टेशन से जामगांव, ओडिशा की ओर जा रही एक मालगाड़ी के कई वैगन अचानक मुख्य रेक से अलग हो गए। अलग हुए वैगन आगे बढ़ते हुए चक्रधरनगर रेलवे फाटक के पास पहुंच गए।
चक्रधरनगर फाटक शहर के व्यस्ततम रेलवे क्रॉसिंग में शामिल है, जहां हर समय बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। मालगाड़ी के वैगन अलग हुए देखकर मौके पर मौजूद लोग सकते में आ गए।
लोको पायलट ने रेलवे कंट्रोल रूम को दी सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही लोको पायलट ने रेलवे अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद रेलवे कर्मचारी और संबंधित अमला मौके पर पहुंचा।रेलवे टीम ने अलग हुए वैगनों और उनकी कपलिंग की स्थिति की जांच शुरू की। वैगनों को सुरक्षित तरीके से दोबारा जोड़ने की कार्रवाई की गई। तकनीकी टीम द्वारा कपलर और उससे जुड़े अन्य हिस्सों की भी जांच की जा रही है।
CBC कपलर में तकनीकी खराबी की आशंका
प्रारंभिक तौर पर वैगनों के अलग होने की घटना सीबीसी यानी सेंटर बफर कपलर व्यवस्था में तकनीकी खराबी से जुड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कपलिंग के किस हिस्से में समस्या आई और वैगन किस वजह से मुख्य रेक से अलग हुए, इसका वास्तविक कारण तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।सीबीसी सिस्टम मालगाड़ी के वैगनों को आपस में जोड़कर रखता है और ट्रेन के खिंचाव व दबाव के दौरान लगने वाले बल को संभालता है। लॉकिंग में समस्या, किसी हिस्से में टूट-फूट या तकनीकी खराबी होने पर वैगन अलग हो सकते हैं।
फाटक बंद होने से सड़क पर लगी लंबी कतार
अलग हुए वैगनों के चक्रधरनगर रेलवे फाटक के पास पहुंचने के बाद फाटक बंद रखना पड़ा। इसका असर सड़क यातायात पर भी पड़ा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।राहगीरों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने यातायात से बचने के लिए चक्रपथ की ओर से वैकल्पिक रास्ता अपनाया। घटना के कारण मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
रायगढ़ से गुजरने वाला हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग देश के महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर में शामिल है। इस रूट पर यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियों का भी परिचालन होता है।ऐसे व्यस्त रनिंग ट्रैक पर मालगाड़ी के वैगन अलग होना परिचालन सुरक्षा के लिहाज से गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है, क्योंकि इसी रेलखंड पर दूसरी ट्रेनों की आवाजाही भी होती रहती है। फिलहाल रेलवे की तकनीकी टीम घटना के कारणों की जांच में जुटी है।