राजधानी रायपुर के चर्चित राजनीतिक परिवार से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पूर्व महापौर एजाज ढेबर को कथित तौर पर धमकी भरा फोन कॉल आया, जिसमें अज्ञात कॉलर ने खुद को बिश्नोई गैंग से जुड़ा सदस्य बताते हुए 50 करोड़ रुपये की फिरौती मांगे जाने की बात सामने आई है।
समय पर फिरौती नहीं देने पर गंभीर परिणाम की धमकी
बताया जा रहा है कि फोन कॉल के दौरान अज्ञात कॉलर ने फिरौती की रकम समय पर नहीं पहुंचाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। मामले की जानकारी सामने आने के बाद ढेबर परिवार की सुरक्षा और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान को लेकर पुलिस जांच शुरू हो गई है।
कोतवाली थाने में दर्ज हुआ मामला
पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत के आधार पर कोतवाली थाने में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब धमकी भरे कॉल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
साइबर सेल की स्पेशल टीम जांच में जुटी
मामले की जांच के लिए साइबर सेल की स्पेशल टीम को भी सक्रिय किया गया है। टीम अज्ञात कॉलर के मोबाइल नंबर और कॉल से जुड़ी तकनीकी जानकारी जुटा रही है। कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच के जरिए कॉल करने वाले तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
कॉल के पीछे किसका हाथ, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि धमकी भरा फोन किसने किया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। पुलिस टीम संदिग्धों की पतासाजी में जुटी हुई है।
परिवार से भी जुटाई जा रही जानकारी
जांच के दौरान पुलिस की एक टीम ढेबर परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस मामले से जुड़े संभावित कारणों और हाल की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है, ताकि धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान तक पहुंचा जा सके।
पुरानी दुश्मनी और हालिया विवाद भी जांच के दायरे में
पुलिस जांच में ढेबर परिवार की पुरानी दुश्मनी और हाल-फिलहाल में किसी व्यक्ति से हुए विवाद सहित विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा अमन साव की गिरफ्तारी के दौरान अनवर ढेबर से हुई किसी संभावित बातचीत से जुड़े पहलुओं की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस कई एंगल से कर रही जांच
फिलहाल पुलिस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अज्ञात कॉलर की पहचान और धमकी के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाना पुलिस के लिए मुख्य जांच बिंदु बना हुआ है।