रायपुर: राजधानी रायपुर में शुक्रवार को बारिश के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने निर्वाचन कार्यालय का घेराव करने के साथ ही पुतला दहन भी किया। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों के बीच आयोजित किया गया। देशभर में कांग्रेस ने 25 सितंबर को राज्य निर्वाचन कार्यालयों तक विरोध मार्च का कार्यक्रम घोषित किया था।
निर्वाचन कार्यालय के आसपास पुलिस की कड़ी सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने निर्वाचन कार्यालय के आसपास कई स्तरों में बैरिकेडिंग की थी। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को कार्यालय की ओर बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी।
तीन बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े कार्यकर्ता
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग के बावजूद आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने तीन बैरिकेड तोड़ दिए और निर्वाचन कार्यालय के करीब पहुंच गए। मौके पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति भी बनी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सामने रोका
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे निर्वाचन कार्यालय की ओर बढ़ने से रोकने का प्रयास किया।
SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। पार्टी का कहना है कि मतदाताओं के नाम कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए और जोड़े गए हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी आरोप
कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि आयोग सत्ताधारी पार्टी के प्रभाव में काम कर रहा है। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं; निर्वाचन आयोग की ओर से SIR को लेकर आधिकारिक दस्तावेजों में प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को शामिल करना और अपात्र नामों को हटाना बताया गया है।
मतदाता सूची की जांच और कार्रवाई की मांग
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। SIR को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है और कांग्रेस लगातार इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।