मध्य प्रदेश के उज्जैन में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नानाखेड़ा स्थित राजमाता सिन्धिया स्टेडियम परिसर में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी स्टेडियम का भूमिपूजन किया। इस परियोजना को प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
49 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक स्टेडियम
यह हॉकी स्टेडियम लगभग 49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा और इसे करीब साढ़े 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मैदान, दर्शक दीर्घा, प्रशिक्षण सुविधाएं और खिलाड़ियों के लिए आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी। स्टेडियम तैयार होने के बाद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी।
खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण वातावरण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह मैदान लंबे समय से खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित था, लेकिन अब इसे अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। स्टेडियम के निर्माण से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास का अवसर मिलेगा। इससे राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे।
अत्याधुनिक स्विमिंग अकादमी की भी घोषणा
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि उज्जैन में एक आधुनिक स्विमिंग अकादमी स्थापित की जाएगी। शहर में पहले से मौजूद बड़े स्विमिंग पूल और डाइविंग पूल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य तैराकी और जल क्रीड़ा से जुड़े खिलाड़ियों को पेशेवर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की संभावना
प्रदेश सरकार का लक्ष्य खेल अवसंरचना को इस स्तर तक विकसित करना है कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी की जा सके। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यदि तैयारियां समय पर पूरी हो जाती हैं तो वर्ष 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ मुकाबले उज्जैन में आयोजित किए जा सकते हैं। इससे शहर को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलने के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
Comments (0)