मुंबई - बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि अभिनेता को सरेंडर करने से राहत तभी मिल सकती है, जब वह सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा कराएं। कोर्ट ने रकम जमा करने के लिए 9 सितंबर तक का समय दिया है। अगर निर्धारित समय सीमा के भीतर रकम जमा नहीं की जाती है, तो राजपाल यादव को सरेंडर करना पड़ सकता है और उन्हें जेल जाना होगा।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे
राजपाल यादव के खिलाफ चल रहे चेक बाउंस मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को सुनवाई की थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अभिनेता ने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिनेता की ओर से सरेंडर से राहत की मांग की गई। अदालत ने इस पर शर्त रखते हुए कहा कि 5 करोड़ रुपये जमा करने के बाद ही उन्हें सरेंडर से छूट देने पर विचार किया जाएगा।

9 सितंबर तक जमा करनी होगी रकम
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को रकम जमा करने के लिए 9 सितंबर तक का समय दिया है। अदालत के निर्देश के मुताबिक, यह रकम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करानी होगी। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि राहत बिना शर्त नहीं दी जाएगी। निर्धारित राशि जमा करना सरेंडर से छूट पाने की शर्त है।

पैसे जमा नहीं किए तो क्या होगा?
सुनवाई के दौरान अदालत के निर्देश का मतलब साफ है कि अगर राजपाल यादव तय समय तक 5 करोड़ रुपये जमा नहीं कराते हैं, तो उन्हें सरेंडर करना पड़ सकता है। इस मामले में अभिनेता को पहले ही कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद उनकी अगली राहत 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त से जुड़ गई है।

चेक बाउंस मामलों में फंसे हैं अभिनेता
राजपाल यादव के खिलाफ चेक बाउंस से जुड़े कई मामले चल रहे हैं। इन मामलों में अदालतों में लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया जारी है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और अब शीर्ष अदालत ने अभिनेता के सामने रकम जमा करने की शर्त रखी है। फिलहाल राजपाल यादव के लिए अगली बड़ी चुनौती तय समयसीमा के भीतर 5 करोड़ रुपये जमा करना है। सुप्रीम कोर्ट की आगे की कार्यवाही इस बात पर भी निर्भर करेगी कि अभिनेता अदालत के इस निर्देश का पालन करते हैं या नहीं।