पश्चिम एशिया: पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने की आशंका गहरा गई है। अमेरिका ने दावा किया है कि उसके ड्रोन को निशाना बनाए जाने के जवाब में यह कार्रवाई की गई, जबकि ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला करने का दावा किया है। इस बढ़ते तनाव का असर अब कुवैत और लेबनान तक दिखाई देने लगा है।
अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के गोरुक और केशम क्षेत्रों में रडार सिस्टम, ड्रोन कंट्रोल सेंटर और एयर डिफेंस ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। अमेरिका का कहना है कि हाल ही में उसके MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मार गिराया गया था, जिसके जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई।
ईरान का पलटवार, अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने उन अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है, जहां से ईरान पर हमले किए गए थे। हालांकि ईरान ने इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन इससे क्षेत्रीय संघर्ष और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन के इस्तीफे की अटकलों पर विवाद
ईरान में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के इस्तीफे को लेकर भी राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। कुछ रिपोर्ट्स में इस्तीफे की चर्चा के बाद सरकारी मीडिया ने इसका खंडन किया है। तेहरान में विरोध-प्रदर्शनों और झड़पों की खबरें सामने आई हैं, जहां कई लोगों के घायल होने की सूचना है। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।
कुवैत ने ड्रोन और मिसाइल हमले नाकाम करने का किया दावा
कुवैत ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। कुवैत के कई इलाकों में विस्फोट जैसी आवाजें सुनी गईं, जिन्हें सेना ने इंटरसेप्शन ऑपरेशन का हिस्सा बताया। बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली कार्रवाई तेज
दक्षिणी लेबनान में इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस्राइली सेना ने दावा किया है कि उसने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है। वहीं लेबनान में हुए इस्राइली हमलों में 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। दूसरी ओर इस्राइल ने दावा किया है कि लेबनान से दागी गई रॉकेट और मिसाइलों को उसकी रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।
जर्मनी और ब्रिटेन ने जताई चिंता
जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सैन्य कार्रवाई पर चिंता जताते हुए तत्काल संघर्ष विराम की अपील की है। वहीं ब्रिटेन ने भी कहा है कि लेबनान में बढ़ती सैन्य गतिविधियां कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को कमजोर कर रही हैं। अरब लीग ने भी तत्काल युद्धविराम की मांग करते हुए क्षेत्रीय शांति बनाए रखने पर जोर दिया है।