नई दिल्ली - गर्मी के मौसम में तेज धूप, उमस और लगातार पसीना शरीर पर सीधा असर डालते हैं, जिससे हीट क्रैम्प्स के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जाती है। कई लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह शरीर के ओवरहीट होने का शुरुआती संकेत हो सकता है।
क्या होते हैं हीट क्रैम्प्स
हीट क्रैम्प्स मांसपेशियों में होने वाली दर्दनाक ऐंठन होती है, जो शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी के कारण होती है। जब शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है, तो सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स कम हो जाते हैं, जिससे मांसपेशियों में अकड़न और दर्द शुरू हो जाता है। यह समस्या आमतौर पर पैरों, हाथों, पेट और पीठ में ज्यादा देखी जाती है।
गर्मियों में क्यों बढ़ जाते हैं मामले
गर्मियों में शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होता है और पसीने के जरिए जरूरी तत्व बाहर निकल जाते हैं, जिससे हीट क्रैम्प्स का खतरा बढ़ जाता है। तेज धूप में लंबे समय तक काम करना, ज्यादा एक्सरसाइज करना या बंद और गर्म जगहों पर रहना शरीर के तापमान को नियंत्रित नहीं होने देता। इसके अलावा छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी इस समस्या के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
हीट क्रैम्प्स को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह आगे चलकर Heat Exhaustion या Heat Stroke जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है। समय रहते ध्यान न देने पर यह स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
कैसे रखें खुद का ख्याल
गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर पेय लेना और धूप में लंबे समय तक रहने से बचना जरूरी है। हल्के और ढीले कपड़े पहनना, ज्यादा मेहनत से बचना और ठंडी जगह पर आराम करना भी इस समस्या से बचाव में मदद करता है।