भागदौड़ भरी जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता के बीच लोग अब अपनी छोटी-छोटी आदतों पर भी ध्यान देने लगे हैं। इन्हीं में एक सवाल यह भी है कि क्या सोने से पहले पानी पीना सही होता है या नहीं। कई लोग रात में भरपूर पानी पीकर सोते हैं ताकि शरीर हाइड्रेट रहे, जबकि कुछ लोग इससे बचते हैं क्योंकि उन्हें बार-बार पेशाब आने और नींद टूटने की समस्या होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका जवाब व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, उम्र, दिनभर की दिनचर्या और लिक्विड सेवन की मात्रा पर निर्भर करता है।
कितनी मात्रा में लिक्विड लेना माना जाता है सुरक्षित?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सोने से पहले लगभग 100 से 200 मिलीलीटर तक पानी या अन्य हल्का लिक्विड लेना सामान्य रूप से सुरक्षित माना जाता है। यह मात्रा शरीर को रातभर डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद कर सकती है, जबकि इससे बार-बार वॉशरूम जाने की संभावना भी कम रहती है। यदि व्यक्ति दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पी चुका है, तो रात में अतिरिक्त लिक्विड की आवश्यकता नहीं होती। वहीं अधिक मात्रा में पानी पीने से नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
चाय-कॉफी और कैफीन वाले पेय क्यों बन सकते हैं परेशानी?
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने से पहले चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या कैफीन युक्त अन्य पेय पदार्थों का सेवन कम से कम करना चाहिए। कैफीन मस्तिष्क को सक्रिय बनाए रखता है, जिससे नींद आने में देरी हो सकती है। इसके अलावा ये पेय बार-बार पेशाब की समस्या भी बढ़ा सकते हैं। कई लोगों में देर रात कैफीन लेने से बेचैनी, धड़कन तेज होना और सुबह तक थकान महसूस होने जैसी समस्याएं भी देखी जाती हैं।
रात में ज्यादा लिक्विड पीने से क्या हो सकते हैं नुकसान?
जरूरत से अधिक पानी या अन्य तरल पदार्थ लेने से रात में बार-बार नींद टूट सकती है। इससे शरीर का प्राकृतिक स्लीप साइकल प्रभावित होता है और अगली सुबह थकावट, चिड़चिड़ापन और फोकस की कमी महसूस हो सकती है। लगातार खराब नींद का असर मानसिक स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और ऊर्जा स्तर पर भी पड़ सकता है। कुछ लोगों को पेट भारी लगने, गैस या असहजता जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
किन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत?
किडनी, हृदय या मूत्राशय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को रात में लिक्विड सेवन को लेकर विशेष सतर्कता रखनी चाहिए। मधुमेह से पीड़ित लोगों में रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या अधिक हो सकती है, इसलिए उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार पानी पीना चाहिए। बुजुर्गों में भी यह समस्या सामान्य रूप से देखी जाती है। यदि किसी व्यक्ति की नींद लगातार पेशाब के कारण टूटती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी हो सकता है।
संतुलित हाइड्रेशन ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी
विशेषज्ञ मानते हैं कि शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, लेकिन इसका सही समय और सही मात्रा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना और रात में सीमित मात्रा में लिक्विड लेना बेहतर आदत मानी जाती है। संतुलित तरीके से पानी पीने से शरीर की कार्यप्रणाली सुचारु रहती है और नींद भी प्रभावित नहीं होती। स्वास्थ्य के लिए केवल अधिक पानी पीना ही जरूरी नहीं, बल्कि सही समय पर सही मात्रा लेना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।