जब आप सही महीने में गुलाब का पौधा लगाएंगे तो वह अच्छी तरह बड़ा होगा और समय-समय पर फूल भी आएंगे। गुलाब लगाने का सही समय सितंबर से नवंबर तक का है। खासतौर से उत्तर भारत जैसे दिल्ली में ये महीने गुलाब लगाने का बहुत अच्छा समय माना जाता है। फरवरी में भी नया पौधा लगाया जा सकता है। बस बहुत तेज गर्मी जैसे मई-जून में नया पौधा लगाने से बचना चाहिए। सही मौसम में लगाने से जड़ें मजबूत होती हैं और पौधा स्वस्थ रहता है। इससे बाद में फूल आने की संभावना भी बढ़ जाती है।
पानी और नियमित देखभाल
जरूरी नहीं कि सुबह उठते ही पौधे में पानी डाल दिया जाए। हमेशा पहले मिट्टी की नमी देखें और जरूरत होने पर ही पानी दें। हफ्ते में एक बार पत्तियों और नई कलियों को चेक करें क्योंकि पौधों में कीड़े बहुत जल्दी लग जाते हैं। नियमित निगरानी से कीट-पतंगों से बचाव आसान हो जाता है। अधिक पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं जबकि कम पानी से पौधा सूख सकता है। संतुलित पानी और नियमित जांच से पौधा स्वस्थ बना रहता है और फूल आने की प्रक्रिया सुचारू रहती है।
फूल नहीं आने पर क्या करें
गुलाब के पौधे में फूल नहीं आ रहे हों तो कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। पौधे को सही धूप की रोशनी मिलना अत्यंत आवश्यक है इसलिए गुलाब को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे सीधी धूप दें। जब पौधे को बहुत ज्यादा या बहुत कम पानी दिया जाता है तो वह पनपता नहीं है। ऊपर की 1 से 2 इंच मिट्टी सूखने पर अच्छी तरह पानी दें। हर दिन थोड़ा-थोड़ा पानी देना जरूरी नहीं। हर 20 से 30 दिन में अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद डालें। फूलों के मौसम में गुलाब की संतुलित खाद भी दी जा सकती है।
धूप और पानी का संतुलन
धूप की पर्याप्त मात्रा फूल आने के लिए बेहद जरूरी है। कम धूप मिलने पर पौधा हरा-भरा तो रह सकता है लेकिन फूल कम या बिल्कुल नहीं आते। इसलिए बालकनी या बगीचे में ऐसी जगह चुनें जहां दिन में पर्याप्त धूप आए। पानी देते समय मिट्टी की नमी का ध्यान रखें। ऊपर की परत सूखने पर ही पानी दें ताकि जड़ों तक पर्याप्त नमी पहुंचे लेकिन जलभराव न हो। इस संतुलन से पौधा स्वस्थ रहता है और नई कलियां बनने लगती हैं। नियमित रूप से इन बातों का ध्यान रखने से परिणाम बेहतर मिलते हैं।
खाद और प्रूनिंग का महत्व
पौधे के लिए प्रूनिंग यानी कांट-छांट बहुत जरूरी है। गुलाब की सूखी कमजोर और अंदर की ओर बढ़ रही टहनियों को काटें। इससे नई शाखाएं निकलने में मदद मिलती है। पुराने फूलों को समय-समय पर काटते रहें ताकि पौधा नई कलियां बनाने में अपनी ऊर्जा लगाए। हर 20 से 30 दिन में गोबर की सड़ी खाद डालने से मिट्टी उपजाऊ बनी रहती है। फूल आने के मौसम में संतुलित खाद देने से फूलों की संख्या और गुणवत्ता दोनों बढ़ती है। नियमित कांट-छांट और खाद से पौधा घना और फूलों से लदा रहता है।
सही मिट्टी का मिश्रण
घर पर गुलाब का पौधा लगा रहे हैं तो आसान मिट्टी का मिक्स तैयार करें। लगभग 40 प्रतिशत सामान्य मिट्टी 30 प्रतिशत कम्पोस्ट या गोबर की सड़ी खाद और 30 प्रतिशत रेत व कोकोपीट मिलाएं। इससे मिट्टी उपजाऊ रहेगी और पानी जमा नहीं होगा। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी जड़ों को सड़ने से बचाती है। सही मिश्रण से पौधा तेजी से बढ़ता है और फूल आने की प्रक्रिया सुचारू रहती है। गमले या जमीन दोनों में यह मिश्रण उपयोगी साबित होता है। नियमित देखभाल के साथ सही मिट्टी अपनाने से गुलाब का पौधा खूब फूल देता है।