केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध और आदिवासियों के हक की लड़ाई को लेकर पन्ना में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। समाजसेवी अमित भटनागर को पन्ना जेल से रिहा होते ही पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम ने दोबारा हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि ढोडन गांव में हुए आंदोलन के दौरान टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में बिना अनुमति प्रवेश के मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इस घटना के बाद एक बार फिर परियोजना, विस्थापन और आंदोलनकारियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जेल से बाहर आते ही फिर हुई गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार समाजसेवी अमित भटनागर को सोमवार को पन्ना जेल से रिहा किया गया था, लेकिन जेल गेट के बाहर ही पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम ने उन्हें दोबारा हिरासत में ले लिया। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में ढोडन गांव में हुए आंदोलन से जुड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पहुंचे थे, जिसके बाद वन विभाग ने मामला दर्ज किया था
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित भटनागर पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोप है कि आंदोलन के दौरान बिना अनुमति संरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश किया गया। गौरतलब है कि अमित भटनागर लंबे समय से बुंदेलखंड में विस्थापितों, आदिवासियों और मुआवजे के मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। केन-बेतवा परियोजना को लेकर क्षेत्र में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और अब इस गिरफ्तारी के बाद प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।