दतिया. कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद दतिया में उपचुनाव की संभावनाएं तेजी से चर्चा में आ गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर हलचल बढ़ गई है और दोनों प्रमुख दलों ने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। जानकारों का मानना है कि यदि उपचुनाव होता है तो यह केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रहेगा, बल्कि इसे प्रदेश की बड़ी राजनीतिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाएगा।
भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन सकती है सीट
भारतीय जनता पार्टी इस संभावित चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है। पिछली हार के बाद पार्टी अब किसी भी स्थिति में दतिया सीट दोबारा गंवाना नहीं चाहती। संगठन स्तर पर भी रणनीति तैयार की जा रही है ताकि चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतरा जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीट भाजपा के लिए केवल राजनीतिक नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त का मामला भी बन चुकी है।
नरोत्तम मिश्रा के लिए अहम होगी यह लड़ाई
पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के लिए संभावित उपचुनाव को राजनीतिक भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यदि पार्टी उन्हें मैदान में उतारती है और वे जीत दर्ज करते हैं तो उनकी प्रदेश की राजनीति में मजबूत वापसी हो सकती है। यहां तक कि जीत की स्थिति में उन्हें फिर से कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं भी तेज हैं। यही वजह है कि यह चुनाव उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं माना जा रहा।
कांग्रेस भी नहीं छोड़ना चाहती जीती हुई सीट
दूसरी ओर कांग्रेस इस सीट को हर हाल में बचाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई के रूप में पेश कर रही है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए दतिया सीट को बचाना बेहद जरूरी है। यही कारण है कि पार्टी संभावित उम्मीदवारों के नामों पर गंभीरता से मंथन कर रही है।
अवधेश नायक पर कांग्रेस खेल सकती है दांव
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार कांग्रेस दतिया से अवधेश नायक को मैदान में उतार सकती है। संगठन के भीतर उन्हें मजबूत और सक्रिय चेहरा माना जा रहा है। पार्टी को उम्मीद है कि स्थानीय समीकरण और संगठनात्मक पकड़ के दम पर वे मुकाबले को मजबूती दे सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की रणनीति और राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
दतिया में बन सकता है हाई प्रोफाइल चुनावी मुकाबला
यदि उपचुनाव की घोषणा होती है तो दतिया प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो सकती है। भाजपा और कांग्रेस दोनों इस सीट पर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में दिखाई दे रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुकाबला केवल स्थानीय नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर प्रदेश की व्यापक राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों पर भी दिखाई दे सकता है।