मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भोपाल में बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब वह सक्रिय राजनीति से दूरी बनाकर केवल धर्म रक्षा के कार्यों में जुटेंगे।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह 80 वर्ष के हो चुके हैं और पार्टी नेतृत्व से भी साफ कह दिया है कि अब उनकी प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि अंतिम सांस तक धर्म की रक्षा करना है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।दिग्विजय सिंह के इस बयान को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे उनकी सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा के रूप में भी देख रहे हैं।
दशहरे पर अयोध्या तक निकालेंगे धर्म रक्षा पदयात्रा
दिग्विजय सिंह ने बताया कि वह आगामी दशहरे के अवसर पर उज्जैन से अयोध्या तक धर्म रक्षा पदयात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा और न ही कोई राजनीतिक भाषण दिया जाएगा।उनके अनुसार यह पूरी तरह धार्मिक उद्देश्य से आयोजित यात्रा होगी, जिसका मकसद धर्म की रक्षा का संदेश देना है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा के मुख्य अतिथि अयोध्या आंदोलन के दौरान चार गोलियां झेल चुके कारसेवक संतोष दुबे होंगे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किसी राजनीतिक नेता को विशेष रूप से आमंत्रित नहीं किया जाएगा, केवल संतोष दुबे ही मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रहेंगे।
पार्टी से कहा- अब नए लोगों को मिले मौका
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्हें पार्टी ने पांच बार विधायक बनने का अवसर दिया, दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा भेजा। इसके लिए वह पार्टी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि अब उन्होंने पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया है कि नई पीढ़ी और अन्य नेताओं को आगे बढ़ाया जाए।
अब न भाषण दूंगा, न सोशल मीडिया पर लिखूंगा
दिग्विजय सिंह ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान केवल धर्म रक्षा के कार्यों पर रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह न तो राजनीतिक भाषण देंगे और न ही सोशल मीडिया पर अपनी ओर से कोई पोस्ट लिखेंगे।
यात्रा में किसी को नहीं देंगे निमंत्रण
उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि वह किसी भी व्यक्ति या संगठन को औपचारिक निमंत्रण नहीं देंगे। केवल कारसेवक संतोष दुबे को आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपने शरीर पर चार गोलियां झेली थीं। उनके अनुसार, यही इस यात्रा के मुख्य अतिथि होंगे।