भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, किसान कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्कूलों के उन्नयन, किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की निरंतरता, शुजालपुर में नए विधि महाविद्यालय की स्थापना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए हजारों करोड़ रुपये की स्वीकृति जैसे अहम फैसले लिए गए। सरकार का दावा है कि ये निर्णय प्रदेश के समग्र विकास और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को मिली पांच वर्षों की मंजूरी
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए सरकार ने 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि मंजूर की है। यह योजना गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों, विधवाओं और परित्यक्त महिलाओं के विवाह में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। वर्तमान में प्रत्येक पात्र हितग्राही को 55 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। सरकार का मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम भी है। पिछले वर्षों में लाखों परिवार इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इससे बाल विवाह पर रोक लगाने, विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित करने और महिलाओं को सम्मानजनक सामाजिक जीवन प्रदान करने में मदद मिली है। कैबिनेट ने योजना को आगे भी प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्णय लिया है ताकि जरूरतमंद परिवारों को निरंतर सहायता मिलती रहे।
315 स्कूल हाई स्कूल और 214 स्कूल हायर सेकेंडरी में होंगे अपग्रेड
प्रदेश में शिक्षा सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए कैबिनेट ने माध्यमिक स्कूलों को हाई स्कूल और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नत करने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत अगले तीन वर्षों में 315 माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल और 214 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में बदला जाएगा। इस पूरी योजना पर लगभग 635 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है ताकि स्कूलों की दूरी के कारण होने वाला ड्रॉपआउट कम किया जा सके। वर्तमान में प्रदेश में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। सरकार वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। नए स्कूलों के उन्नयन से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसानों को बड़ी राहत, अब एक साल की अवधि के लिए मिलेगा फसल ऋण
कैबिनेट ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर मिलने वाले अल्पकालीन फसल ऋण की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग ऋण अवधि के बजाय किसानों को वार्षिक एकल ऋण सीमा प्रदान की जाएगी। इसका मतलब है कि किसानों को बार-बार ऋण प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और उन्हें पूरे वर्ष के लिए एक ही व्यवस्था के तहत ऋण उपलब्ध होगा। सरकार किसानों को समय पर ऋण चुकाने के लिए प्रोत्साहन भी देती रहेगी। निर्धारित अवधि तक ऋण चुकाने वाले किसानों को ब्याज अनुदान और अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा। यह निर्णय किसानों की वित्तीय प्रक्रिया को सरल बनाने और खेती-किसानी को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
शुजालपुर में खुलेगा नया शासकीय विधि महाविद्यालय
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार करते हुए कैबिनेट ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में नए शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसके लिए 17 नए पदों का सृजन और 2 करोड़ 39 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। यह कॉलेज आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होगा। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि शिक्षा को स्वतंत्र संस्थान के रूप में संचालित करना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नया महाविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे।
राशन व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं के लिए हजारों करोड़ की मंजूरी
कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 3,580 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को मंजूरी दी है। यह व्यवस्था अगले वित्तीय वर्षों तक जारी रहेगी ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध कराया जा सके और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो। इसके अलावा राज्य सरकार ने विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं को भी निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से गरीब, किसान, छात्र और आम नागरिक सीधे लाभान्वित होंगे। कैबिनेट के निर्णयों को विकसित मध्यप्रदेश-2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।