लखनऊ- राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद सरकार ने जांच तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से अवैध निर्माणों और पूर्व में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है तथा उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को शाम 5 बजे तलब किया है।
पेट शॉप से शुरू हुई आग, 15 लोगों की गई जान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग कॉम्प्लेक्स में संचालित एक पेट शॉप में लगी थी। आग तेजी से फैलते हुए पूरी इमारत में पहुंच गई। भवन में पेट शॉप के अलावा लाइब्रेरी, गेमिंग जोन और कोचिंग सेंटर भी संचालित हो रहे थे। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य प्रभावित हुए।
घटनास्थल पर पहुंची SIT, शुरू हुई गहन जांच
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने निकासी व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और भवन की संरचना से जुड़े पहलुओं की जांच की। अधिकारियों ने मौके से तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए हैं।
सात दिन में मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
SIT ने स्पष्ट किया है कि घटना से जुड़े सभी विभागों से रिपोर्ट ली जाएगी। सात दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। जांच का मुख्य फोकस आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों में हुई संभावित लापरवाही पर रहेगा।
कोचिंग सेंटरों पर चला प्रशासन का अभियान
अग्निकांड के बाद शिक्षा विभाग ने शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है। अभियान के दौरान नियमों का पालन नहीं करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर नौ कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया।
सील नोटिस और बुलडोजर कार्रवाई का मांगा पूरा ब्योरा
मुख्यमंत्री ने 1 जनवरी से अब तक शहर के सातों जोनों में जारी किए गए सील नोटिसों, उन पर हुई कार्रवाई और ध्वस्तीकरण अभियानों की पूरी जानकारी मांगी है। सरकार यह जानना चाहती है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई की गई।
जवाबदेही तय करने की तैयारी
LDA उपाध्यक्ष को तलब किए जाने के बाद माना जा रहा है कि अवैध निर्माणों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। सरकार इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत दे चुकी है।