रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में ग्रामीण रोजगार, आजीविका संवर्धन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी।
वीबी-जीरामजी योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने वीबी जीरामजी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाएंगे।
योजना में केंद्र और राज्य सरकार के बीच व्यय का अनुपात 60:40 रहेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने अपने बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना को भी हरी झंडी
कैबिनेट ने अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना को भी मंजूरी प्रदान की है। योजना के तहत गांवों में सृजन केंद्र, प्रसंस्करण इकाइयां, सेवा केंद्र, विपणन एवं आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इस योजना की नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
CG-CBG नीति के प्रारूप को मंजूरी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। इस नीति के तहत कृषि अवशेष, ठोस कचरे और जैविक अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा। इससे अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और जैव उर्वरकों के उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रतिवर्ष करीब 5 लाख टन CBG उत्पादन की संभावना है। इस नीति के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को राज्य की नोडल एजेंसी बनाया गया है।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
- वीबी-जीरामजी योजना को मंजूरी।
- ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी।
- योजना में केंद्र-राज्य व्यय अनुपात 60:40।
- राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना को मंजूरी।
- गांवों में सृजन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन केंद्र स्थापित होंगे।
- CG-CBG नीति के प्रारूप को मंजूरी।
- कृषि अवशेष और जैविक अपशिष्ट से बायोगैस उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा।
- प्रतिवर्ष 5 लाख टन CBG उत्पादन की संभावना।
- छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया।