भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भोपाल से बाहर रहने के दौरान अब मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री निवास आने वाले लोगों को अपनी समस्याएं बताने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई की ओर से जारी आदेश के तहत मंत्रालय और मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में सप्ताह के अलग-अलग दिनों के लिए सचिव, अपर सचिव और उप सचिव स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी तय की गई है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों और बैठकों में समन्वय के साथ-साथ उनकी अनुपस्थिति में आम लोगों की समस्याएं सुनना भी होगी।
CM की अनुपस्थिति में अधिकारी सुनेंगे जनता की समस्याएं
नई व्यवस्था का सबसे अहम पहलू यह है कि मुख्यमंत्री के भोपाल में मौजूद नहीं रहने पर उनसे मिलने आने वाले लोगों को वापस नहीं लौटना पड़ेगा। रोस्टर के मुताबिक तैनात अधिकारी आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के लिए समन्वय करेंगे।मुख्यमंत्री कार्यालय का मानना है कि इससे आम लोगों को अपनी बात रखने का बेहतर अवसर मिलेगा और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया भी तेज हो सकेगी।
मंत्रालय में सोमवार से शुक्रवार तक रोस्टर
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मंत्रालय में अधिकारियों की ड्यूटी इस तरह तय की गई है—
दिन अधिकारी
सोमवार सचिव डॉ. सुदाम खाड़े और अपर सचिव अरविंद दुबे
मंगलवार सचिव डॉ. सुदाम खाड़े और अपर सचिव अरुण परमार
बुधवार सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह और उप सचिव सुधीर कोचर
गुरुवार सचिव डॉ. इलैया राजा टी. और उप सचिव आदित्य शर्मा
शुक्रवार सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह और अपर सचिव अरुण परमार
समत्व भवन में पूरे सप्ताह अधिकारियों की ड्यूटी
मुख्यमंत्री निवास यानी समत्व भवन के लिए भी अलग रोस्टर तैयार किया गया है। यहां सोमवार से रविवार तक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
दिन अधिकारी
सोमवार सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह और उप सचिव सुधीर कोचर
मंगलवार सचिव डॉ. इलैया राजा टी. और उप सचिव आदित्य शर्मा
बुधवार सचिव डॉ. सुदाम खाड़े और अपर सचिव अरविंद दुबे
गुरुवार सचिव डॉ. सुदाम खाड़े और अपर सचिव अरविंद दुबे
शुक्रवार सचिव कुमार पुरुषोत्तम और अपर सचिव अरुण परमार
शनिवार सचिव डॉ. इलैया राजा टी. और उप सचिव आदित्य शर्मा
रविवार सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह और उप सचिव सुधीर कोचर
CM के कार्यक्रमों में भी संभालेंगे समन्वय
रोस्टर में शामिल अधिकारियों की जिम्मेदारी सिर्फ आम लोगों से मुलाकात तक सीमित नहीं रहेगी। आदेश के अनुसार वे मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री निवास में होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों के समन्वय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।इससे मुख्यमंत्री के दौरे, बैठक या अन्य कार्यक्रमों के दौरान प्रशासनिक स्तर पर बेहतर तालमेल बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने व्यवस्था को लेकर यह भी स्पष्ट किया है कि यदि रोस्टर में शामिल कोई अधिकारी किसी कारण से अनुपस्थित रहता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित लिंक अधिकारी संभालेगा।इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण मुख्यमंत्री कार्यालय या समत्व भवन का काम प्रभावित न हो।
जनता को अपनी बात रखने में होगी आसानी
नई व्यवस्था के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुनने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री के भोपाल से बाहर रहने की स्थिति में भी अधिकारी उपलब्ध रहेंगे, जिससे लोगों को अपनी समस्या रखने के लिए मुख्यमंत्री की वापसी तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से प्रशासनिक कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी और जनता से जुड़े मामलों के निराकरण में तेजी आएगी।