भोपाल. मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी सक्रियता के साथ प्रभाव दिखा रहा है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही वर्षा ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम को सुहावना तो बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। अनेक शहरों और कस्बों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। उज्जैन में पवित्र शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से घाटों के समीप स्थित कई मंदिरों तक पानी पहुंच गया है। प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और लोगों को अनावश्यक रूप से नदी-नालों के समीप जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
छह जिलों में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 24 घंटों के लिए श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर और टीकमगढ़ जिलों में अति भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर अत्यधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव, सड़क संपर्क बाधित होने और छोटी नदियों के उफान पर आने की आशंका बनी हुई है। जिला प्रशासन को आवश्यक तैयारियां रखने और आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी भारी वर्षा की चेतावनी
मौसम विभाग ने ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, नीमच और मंदसौर सहित अनेक जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। वहीं अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, भोपाल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर और सिंगरौली में हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी रहने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी।
तापमान में गिरावट से मौसम हुआ सुहावना, लेकिन बढ़ीं चुनौतिया
लगातार वर्षा के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि इंदौर में 29 डिग्री, ग्वालियर में 31 डिग्री और जबलपुर में लगभग 28 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहने की संभावना जताई गई है। तापमान में कमी से लोगों को गर्मी से राहत अवश्य मिली है, लेकिन लगातार बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में यातायात, जल निकासी और दैनिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों में अत्यधिक पानी भरने की स्थिति पर किसानों की नजर बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
मौसम विभाग और प्रशासन ने नागरिकों से आगामी दिनों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों को पार करने, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने तथा कमजोर भवनों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन दलों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह सक्रियता कृषि के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा की स्थिति में फसलों, बुनियादी ढांचे और जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ सकता है। ऐसे में अगले चार दिन पूरे प्रदेश के लिए सतर्कता और सावधानी की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।