भोपाल. मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना राज्य के किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली प्रमुख योजनाओं में शामिल है। हालांकि पिछले लगभग दस महीनों से इस योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में कोई नई किस्त नहीं पहुंची है। इससे प्रदेश के लाखों किसानों में निराशा और चिंता का माहौल है। खेती की बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और कृषि निवेश की लगातार बढ़ती जरूरतों के बीच इस आर्थिक सहायता का समय पर मिलना किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि योजना की लंबित किस्तों को लेकर किसानों की अपेक्षाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
अगस्त 2025 में जारी हुई थी अंतिम किस्त
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की अंतिम यानी तेरहवीं किस्त 14 अगस्त 2025 को जारी की गई थी। उस समय मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लगभग 83 लाख किसानों के बैंक खातों में करीब 1671 करोड़ रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित की थी। इससे पहले 2 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की बीसवीं किस्त भी जारी की गई थी। दोनों योजनाओं के माध्यम से किसानों को नियमित आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद बनी हुई थी, लेकिन इसके बाद राज्य सरकार की योजना के अंतर्गत कोई नई किस्त जारी नहीं की गई। परिणामस्वरूप किसानों के बीच लगातार यह सवाल उठ रहा है कि अगली किस्त कब जारी होगी।
तीन लंबित किस्तों से बढ़ी किसानों की आर्थिक चिंता
अगस्त 2025 के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की इक्कीसवीं, बाईसवीं और तेइसवीं किस्त पात्र किसानों के खातों में पहुंच चुकी है। इसके विपरीत मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की चौदहवीं, पंद्रहवीं और सोलहवीं किस्त अब तक जारी नहीं हुई है। योजना के तहत प्रत्येक किस्त में दो हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। इस प्रकार पात्र किसानों के छह हजार रुपये की सहायता राशि लंबित हो चुकी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर मिलने वाली यह राशि किसानों के लिए बीज, उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में भुगतान में देरी का असर खेती की तैयारियों पर भी पड़ सकता है।
सरकार की ओर से अभी तक नहीं आई आधिकारिक घोषणा
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की लंबित किस्तों को लेकर अब तक राज्य सरकार अथवा कृषि विभाग की ओर से कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है। यही कारण है कि लाभार्थी किसान लगातार असमंजस की स्थिति में हैं। विभिन्न किसान संगठनों का भी मानना है कि यदि सरकार इस संबंध में स्पष्ट जानकारी साझा करती है, तो किसानों के बीच बनी अनिश्चितता कम हो सकती है। फिलहाल किसान सरकार की अगली घोषणा का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि लंबित किस्तों के भुगतान को लेकर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।
समय पर सहायता राशि कृषि अर्थव्यवस्था के लिए है महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण आधारित कृषि योजनाएं किसानों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं, बशर्ते इनका क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से हो। खेती आज बढ़ती लागत, बदलते मौसम और बाजार की अनिश्चितताओं जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना जैसी योजनाओं की नियमित किस्तें किसानों को वित्तीय संबल प्रदान करती हैं और कृषि निवेश की निरंतरता बनाए रखने में सहायता करती हैं। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाए जाने के बीच अब किसानों की सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि लंबित तीनों किस्तें शीघ्र जारी हों, जिससे उन्हें खेती के आगामी कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग समय पर प्राप्त हो सके।