पितृपक्ष के दौरान गया में पिंडदान और तर्पण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने रानी कमलापति और गया के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। इस अतिरिक्त रेल सेवा से भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को गया की यात्रा के लिए एक और विकल्प मिल सकेगा। इससे नियमित ट्रेनों में भीड़ कम होने की उम्मीद है।
27 सितंबर से शुरू होगी स्पेशल ट्रेन
रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 01661 रानी कमलापति-गया स्पेशल तीन ट्रिप में चलेगी। यह ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन से 27 सितंबर, 2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर को रवाना होगी।
ट्रेन का प्रमुख शेड्यूल इस प्रकार रहेगा
रानी कमलापति: दोपहर 3:20 बजे
नर्मदापुरम: शाम 4:34 बजे
इटारसी: शाम 5:05 बजे
गया: अगले दिन दोपहर 2:30 बजे
वापसी में 30 सितंबर, 5 और 10 अक्टूबर को चलेगी ट्रेन
वापसी के लिए गाड़ी संख्या 01662 गया-रानी कमलापति स्पेशल तीन ट्रिप में चलेगी। यह ट्रेन गया से 30 सितंबर, 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को रवाना होगी।
वापसी का प्रमुख समय:
इटारसी: अगले दिन दोपहर 2:05 बजे
नर्मदापुरम: दोपहर 2:43 बजे
रानी कमलापति: शाम 4:15 बजे
24 कोच की होगी स्पेशल ट्रेन
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में कुल 24 कोच रखे गए हैं। इनमें अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों के लिए स्लीपर और एसी कोच शामिल हैं।
कोच संरचना:
12 स्लीपर कोच
4 सामान्य श्रेणी के कोच
4 एसी थर्ड क्लास कोच
2 एसी सेकंड क्लास कोच
2 एसएलआर/डी कोच
इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
रानी कमलापति-गया स्पेशल ट्रेन कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी। यात्रियों को नर्मदापुरम और इटारसी के अलावा कई प्रमुख शहरों से ट्रेन पकड़ने की सुविधा मिलेगी।ट्रेन के प्रमुख ठहराव में नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर और पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन शामिल हैं।इसके अलावा भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-आन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड पर भी ट्रेन का ठहराव रहेगा।
भोपाल से लेकर जबलपुर तक यात्रियों को फायदा
स्पेशल ट्रेन शुरू होने से भोपाल और आसपास के यात्रियों के साथ-साथ नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर और जबलपुर क्षेत्र के यात्रियों को भी फायदा मिलेगा।पितृपक्ष के दौरान गया जाने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेन उपलब्ध होने से नियमित रेल सेवाओं पर यात्रियों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।