पटना, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीति अब किसी भरोसेमंद पार्टी नेतृत्व का मोहताज होकर रह गई है। भविष्य के आईने में नीतीश कुमार की राजनीति की जगह अब राजद के साथ नहीं है। शुचिता की राजनीति ऐन केन प्रकारेन भाजपा के साथ ही निभ सकती है। ऐसा इसलिए भी कि राजद की राजनीति में अब मुख्यमंत्री की कोई वैकेंसी नहीं है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राजनीति अपने हाई लेवल पर है। खासकर एनडीए खेमे में इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई है कि क्या बीजेपी एक बार फिर से नीतीश कुमार का नेतृत्व स्वीकार करेगी।
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