केरल की महिलाओं के इस्लामिक स्टेट में शामिल होने की घटना पर आधारित फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) इन दिनों एक बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है। द कश्मीर फाइल्स फिल्म की तरह इसे लेकर भी जमकर सियासत हो रही है। केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी और अन्य विपक्षी पार्टियां इसे लेकर एक-दूसरे के सामने है। इन सबके बीच फिल्म पर रोक लगाने की मांग पर आज यानी सोमवार 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है।
The Kerala Story की कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित- HC
केरल उच्च न्यायालय ने इस तथ्य का हवाला देते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया कि इसकी कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित है। जवाब में जस्टिस एन नागरेश और सोफी थॉमस ने कहा कि सर्टिफिकेशन बोर्ड ने फिल्म को देखने के बाद ही रिलीज किया है। फिल्म में किसी भी समुदाय के बारे में कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं है। इस दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से सवाल किया कि क्या उन्होंने फिल्म देखी है।
अगर फिल्म अच्छी नहीं है तो ये बाजार तय करेगा- SC
इससे पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म को बैन करने से इनकार कर दिया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिल्म बनाने के लिए कलाकारों और निर्माताओं ने मेहनत की है। आपको फिल्म पर रोक लगाने की मांग को लेकर बहुत सावधान रहना चाहिए। अगर फिल्म अच्छी नहीं है तो ये बाजार तय करेगा।
तीन भाजपा शासित राज्यों ने फिल्म को किया टैक्स फ्री
द केरल स्टोरी फिल्म को तीन भाजपा शासित राज्यों ने टैक्स फ्री कर दिया है। सबसे पहले मध्य प्रदेश ने ऐलान किया। इसके बाद यूपी और फिर हरियाणा ने। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने बकायदा पूरी कैबिनेट के साथ यह फिल्म देखी। वहीं, टीएमसी शासित पश्चिम बंगाल ने अपने यहां फिल्म को रिलीज होने से रोक दिया। इसी तरह तमिलनाडु के सिनेमाघरों के संगठन ने भी सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए फिल्म न दिखाने का निर्णय लिया हुआ है।
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