अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो रहा है। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी भी शामिल होंगे। इसके साथ ही देशभर की कई बड़ी हस्तियां और साधु-संत इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस बीच मल्लिकार्जुन खड़गे-सोनिया गांधी व अधीर रंजन चौधरी ने राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को ठुकरा दिया है। पार्टी के इस फैसले पर कांग्रेस के ही नेता सवाल खड़े करने लगे हैं।
पार्टी को ऐसे राजनीतिक निर्णय लेने से दूर रहना चाहिए था
गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने कहा था कि, पार्टी को ऐसे राजनीतिक निर्णय लेने से दूर रहना चाहिए था। वहीं गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अंबरीश डेर ने राम मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा उत्सव पर ना जाने के निर्णय की निंदा की है। अंबरीश डेर ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि, मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री राम हमारे आराध्य देव हैं। इसलिए यह स्वाभाविक है कि, भारत भर में अनगिनत लोगों की आस्था इस नवनिर्मित मंदिर से वर्षों से जुड़ी हुई है।
पार्टी के कई कार्यकर्ता निराश हैं
उन्होंने अपने इस लेख में आगे लिखा है कि, राष्ट्रीय कांग्रेस के कुछ लोगों को उस खास तरह के बयान से दूरी बनाए रखनी चाहिए और जनभावना का दिल से सम्मान करना चाहिए। गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अंबरीश डेर ने आगे कहा कि, इस तरह के बयान मेरे जैसे गुजरात कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक है। जय सियाराम।
यह देशवासियों की आस्था और विस्वास का विषय है
इससे पहले कांग्रेस के सीनियर नेता अर्जुन मोढवाडिया ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा था कि, भगवान श्रीराम आराध्य देव हैं। यह देशवासियों की आस्था और विस्वास का विषय है। कांग्रेस के इस तरह के राजनीतिक निर्णय लेने से दूर रहना चाहिए था। बता दें कि राष्ट्रीय कांग्रेस की तरफ से एक बयान जारी किया गया था, जिसमें कांग्रेस पार्टी ने कहा, 'बीजेपी और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक परियोजना बना दिया है। एक अर्धनिर्मित मंदिर का उद्घाटन केवल चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है।
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