पंजाब की संगरूर कोर्ट ने मानहानि के मामले में कांग्रेस पार्टी के प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) को तलब किया है। खड़गे पर कर्नाटक चुनाव के दौरान भड़काऊ बयान देने का आरोप है। प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को आरएसएस से संबद्ध विश्व हिंदू परिषद के युवा विंग बजरंग दल की तुलना करने के मामले में तलब किया गया है।
Mallikarjun Kharge को 100 करोड़ के मानहानि केस में मिला समन
"बजरंग दल हिंदुस्तान" के प्रमुख हितेश भारद्वाज द्वारा दायर एक शिकायत के बाद, संगरूर जिला अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष को तलब किया। याचिकाकर्ता के मुताबिक, हाल ही में खत्म हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने मंच से बजरंग दल की तुलना अल कायदा जैसे देश-विरोधी संगठनों से की थी। खड़गे के खिलाफ दायर 100 करोड़ रुपये के मानहानि के मामले में कोर्ट ने समन जारी किया है।
Sangrur court, in Punjab, summons Congress chief Mallikarjun Kharge in a Rs 100 crores defamation case filed by Hitesh Bhardwaj, the founder of Hindu Suraksha Parishad, against Kharge for allegedly making defamatory remarks against Bajrang Dal during the recently concluded… pic.twitter.com/3a02KcQ4OG
— ANI (@ANI) May 15, 2023
बजरंग दल को बैन करने का किया था वादा
वहीं, मामले पर सीनियर डिवीजन जज रमनदीप कौर ने खरगे को 10 जुलाई को संगरूर अदालत में तलब किया है। इस बात की जानकारी हितेश भारद्वाज ने दी है। दरअसल, कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में बजरंग दल का नाम लेते हुए उन संगठनों पर बैन लगाने का वादा किया जो "अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति दुश्मनी या नफरत" को बढ़ावा देते हैं।
14 दिनों में 100 करोड़ रुपए की डिमांड
वीएचपी के यूथ विंग ने दावा किया कि कांग्रेस ने घोषणापत्र में पेज नंबर 10 पर बजरंग दल पर बैन का वादा कर रखा है। दावा है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित संगठन पीएफआई और स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट्स ऑफ इंडिया से की थी। वीएचपी के चंडीगढ़ यूनिट ने कांग्रेस अध्यक्ष को 4 मई को कानूनी नोटिस भेजा था, और 14 दिनों के भीतर वीएचपी और बजरंग दल को 100 करोड़ रुपए देने कहा था।
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