शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों के पात्रता नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इसके तहत दस साल का अनुभव रखने वाले शिक्षक या प्रधानाध्यापक ही इसके लिए पात्र होंगे। वहीं स्कूलों में संविदा पर पढ़ाने वाले शिक्षक या फिर शिक्षा मित्र इसमें शामिल नहीं हो सकेंगे।
पुरस्कारों की संख्या बढ़ी
शिक्षा मंत्रालय ने हर साल दिए जाने वाले पुरस्कारों की संख्या में भी अब बढ़ोतरी कर दी है। जिसमें पुरस्कारों की संख्या 47 की जगह 50 हो गई है। अब देश भर के 50 शिक्षकों को यह सम्मान दिया जाएगा। इनमें दो दिव्यांग शिक्षक भी होंगे।
15 जुलाई तक करें आवेदन
शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के पात्रता नियमों और संख्या में इस बदलाव के साथ ही इसके लिए देश भर के शिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए है, जो 15 जुलाई तक किए जा सकेंगे। ये आवेदन जिलों और राज्यों से होते हुए शिक्षा मंत्रालय के पास पहुंचेंगे। इस दौरान प्रत्येक राज्यों से भेजे जाने वाले आवेदनों की संख्या भी तय कर दी गई है।
इन्हें भी मिल सकता है पुरस्कार
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार को लेकर जो और भी बड़े बदलाव किए गए है, उनमें अब राज्यों से शिक्षा बोर्डों से संबंधित निजी स्कूलों के शिक्षक भी शामिल हो सकेंगे। अब तक ऐसे शिक्षक आवेदन नहीं कर सकते थे।
Comments (0)