समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य अक्सर अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में बने रहते हैं। अब एक बार फिर सपा नेता ने विवादित बयान दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि, कारसेवकों पर तत्कालीन सरकार ने संविधान और कानून की रक्षा के लिए अराजक तत्वों पर देखते ही गोली मारने के आदेश दिए थे। उस समय तत्कालीन सरकार ने अपना कर्तव्य निभाया था।
स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान
आपको बता दें कि, , समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि, जिस समय कारसेवकों पर गोली चलवाने का आदेश जारी किया गया था, उस समय तत्कालीन सरकार अपने फर्ज को निभा रही थी। वह अपने कर्तव्य का पालन कर रही थी। उन्होंने आगे कहा कि, जिस समय अयोध्या में राम मंदिर पर घटना घटी थी, वहां पर बिना किसी न्यायपालिका और प्रशासनिक के आदेश के बड़े पैमाने पर आराजतक तत्वों ने तोड़फोड़ कर दी थी। इस पर तत्कालीन सरकार ने संविधान और कानून की रक्षा के लिए, अमन और चैन कायम करने के लिए गोलियां चलवाई थीं।
33 साल पहले कारसेवकों पर गोलियां चलाई गईं थीं
बता दें कि, अब से लगभग 33 साल पहले सन् 1990 में अयोध्या के हनुमान गढ़ी जा रहे कारसेवकों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं थीं। दरअसल, उस समय यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और सूबे के सीएम मुलायम सिंह यादव थे। गोली लगने से 5 की मौत हो गई थी। इसके बाद से अयोध्या से देशभर का माहौल गर्मा गया था। गोलीकांड के 2 दिन बाद ही 2 नवंबर को हजारों कारसेवक हनुमान गढ़ी के पास पहुंच गए। इस घटना के दो साल बाद छह दिसंबर, 1992 में विवादित ढांचे को गिरा दिया गया।
Comments (0)