प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर है। आंकड़ों की मानें तो महाकुंभ में 45 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के हिस्सा लेने की संभावना है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए कमर कस ली है। महाकुंभ को सफल बनाने में डिजिटल इंडिया पहल का भी काफी योगदान रहने वाला है। आसान शब्दों में कहें तो नए भारत का महाकुंभ डिजिटल क्रांति का शंखनाद साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे?
महाकुंभ ऐप और वेबसाइट
महाकुंभ 2025 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ऐप और वेबसाइट लॉन्च करने वाली है। इस ऐप में एक चैटबॉक्स भी होगा, जिसका नाम SahaAlyak रखा गया है। SahaAlyak 11 भाषाओं में श्रद्धालुओं के बात करेगा। इस चैटबॉक्स की मदद से आप महाकुंभ से जुड़ी कोई भी जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा QR टिकट, इमरजेंसी हेल्पलाइन के लिए अलग-अलग रंग के QR कोड समेत डिजिटल खोया-पाया केंद्र मौजूद रहेगा।
AI कंट्रोल रूम
महाकुंभ 2025 में इस बार AI का भी प्रयोग किया जाएगा। कुंभ में AI से नियंत्रण होने वाले कंट्रोल रूम सेटअप होंगे। वहीं सुरक्षा के लिहाज से महाकुंभ में तकनीकी का भी बड़ा योगदान होगा। सीसीटीवी, ड्रोन, वॉटर ड्रोन, वॉटर ब्रिगेड, चॉपर जैसी चीजों से महाकुंभ की किलेबंदी होगी। महाकुंभ की सुरक्षा चाकचौबंद करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 25 सेक्टरों में बांटा गया है। इन सभी सेक्टरों पर जल, थल और नभ से नजर रखी जाएगी। वहीं मेले में अलग-अलग कोनों पर लगे सीसीटीवी कैमरे के लिए एकीकृत कमांड सेंटर बनाए जाएंगे।
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