राम मंदिर को जनआंदोलन में बदलने वाले बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि, रथयात्रा के समय उन्हें अहसास हो गया था कि, नियति ने तय कर दिया है कि, अयोध्या में राम मंदिर ही बनेगा। उन्होंने खुद को सारथी बताया। इसके साथ ही आडवाणी ने राममंदिर के सुख क्षण लाने के लिए पीएम मोदी को बधाई भी दी। आपको बता दें कि, 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आडवाणी भी उपस्थित रहेंगे।
आडवाणी ने 25 सितंबर 1990 को सोमनाथ से ‘रथयात्रा’आरम्भ की थी
आपको बता दें कि, बीजेपी के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 25 सितंबर 1990 को गुजरात के सोमनाथ से अपनी ‘रथयात्रा’ का आरम्भ किया था। इस रथयात्रा के संयोजक उस वक़्त नरेंद्र मोदी थे। यह यात्रा 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस के साथ समाप्त हुई थी। कहा जाता है कि, जब विवादित ढाँचा टूटा था, उस समय बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी अयोध्या में ही थे।
मुझे विश्वास था एक दिन अयोध्या में राम मंदिर बनेगा
बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अपने बयान में आगे कहा कि, उन्हें उम्मीद है कि, मंदिर सभी भारतीयों को प्रभु श्री राम के गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री ने कहा कि, उस वक़्त (सितंबर 1990 में यात्रा आरम्भ होने के कुछ दिन बाद) मुझे लगा कि, नियति ने तय कर लिया है कि एक दिन अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर बनाया जाएगा। अब यह सिर्फ वक़्त की बात है।
आडवाणी ने रथयात्रा की यादों को किया साझा
देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने आगे कहा कि, ‘रथयात्रा’ शुरू होने के कुछ दिनों बाद मुझे एहसास हुआ कि, मैं केवल एक सारथी था। मुख्य संदेश यात्रा ही थी। वह ‘रथ’ पूजा के योग्य था, क्योंकि यह प्रभु श्री राम के जन्मस्थान पर जा रहा था। बीजेपी नेता ने रथयात्रा को अपने राजनीतिक करियर की सबसे निर्णायक एवं परिवर्तनकारी घटना बताया। ने उन्होंने कहा कि, उन्हें नहीं पता था कि, यह रथयात्रा जनआंदोलन का रूप ले लेगी। लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि, यात्रा के चलते, कई अनुभव हुए जिन्होंने मेरे जीवन को प्रभावित किया। दूरदराज के गाँवों से ग्रामीण मेरे पास आते थे, रथ देखकर भावना से अभिभूत होते थे। वे नमस्कार करते थे। ‘राम’ का जाप करते थे और चले जाते थे। यह एक संदेश था।
प्रभु श्री राम ने ही नरेंद्र मोदी को चुना
वहीं आगे पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए बीजेपी के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि, प्रभु श्री राम ने अपने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए नरेंद्र मोदी के रूप में अपना भक्त चुना, जिनकी देखरेख में मंदिर की इमारत बन रही है। देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि, अब जब प्रधानमंत्री मोदी मंदिर का अभिषेक करेंगे तो वह भारत के हर नागरिक का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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