किसानों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े 177 सोशल मीडिया अकाउंट और वेब लिंक को सरकार ने अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का आदेश दिया है। आइटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत गृह मंत्रालय के अनुरोध पर इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 14 और 19 फरवरी को आदेश जारी किए गए थे। सूत्रों ने यह मंगलवार (20 फरवरी, 2021) को जानकारी दी।
अस्थायी रूप से ‘ब्लॉक’ करने के आदेश जारी
सूत्रों ने बताया कि यह आदेश इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के अनुरोध पर आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) अधिनियम की धारा 69ए के तहत 14 और 19 फरवरी को जारी किए। सूत्रों ने कहा, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह मंत्रालय के अनुरोध पर 177 सोशल मीडिया खातों और वेब लिंक को अस्थायी रूप से ‘ब्लॉक’ करने के आदेश जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, स्नैपचैट और कुछ अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर लिंक और अकाउंट को ब्लाक करने का आदेश दिया गया है। सूत्र ने बताया कि किसान आंदोलन खत्म होने के बाद इन अकाउंट्स को बहाल किया जा सकता है।
केंद्र का प्रस्ताव किया खारिज
पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसान डटे हुए हैं. किसान नेताओं ने सरकारी एजेंसियों द्वारा 5 साल तक दाल, मक्का और कपास की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किए जाने के केंद्र के प्रस्ताव को सोमवार को खारिज कर दिया। किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने हरियाणा के साथ लगती पंजाब की सीमा के शंभू बॉर्डर पर कहा, हम सरकार से अपील करते हैं कि या तो हमारे मुद्दों का समाधान किया जाए। पंधेर ने कहा, ‘‘हम 21 फरवरी को 11 बजे दिल्ली के लिए शांतिपूर्वक कूच करेंगे। ’’ दरअसल किसानों के साथ वार्ता के बाद, तीन केंद्रीय मंत्रियों की एक समिति ने दाल, मक्का और कपास सरकारी एजेंसियों के एमएसपी पर खरीदने के लिए पांच वर्षीय समझौते का प्रस्ताव दिया था। तीन केंद्रीय मंत्रियों - पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय की समिति ने रविवार को चंडीगढ़ में चौथे दौर की वार्ता के दौरान किसानों के समक्ष यह प्रस्ताव रखा था।
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