भारत के पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह आज पंचतत्व में विलीन हो चुके हैं। उनके जाने से पूरा देश दुखी है। बता दें, डॉ मनमोहन सिंह भारत के 14वें प्रधानमंत्री थे। उन्होंने साल 2004 से लेकर 2014 पीएम का पद संभाला था। इसके अलावा वो देश के वित्त मंत्री के तौर पर भी काम कर चुके हैं। जब भारत का दिवालिया निकलने वाला था, उस समय इन्होंने अपनी सूझबूझ से देश को संभाला था। अगर आंख बंद करके उनको याद किया जाए तो, सबसे पहले उनकी नीली पगड़ी दिमाग में आती है। लोगों के मन में हमेशा ये सवाल आता है कि वो हमेशा नीली पगड़ी ही क्यों पहनते थे। तो चलिए जानते हैं इसके पीछे की वजह।
क्या थी वजह?
डॉ. मनमोहन सिंह ने खुद इसके बारे में खुद बताया था। उन्होंने कहा था कि, ये पगड़ी उनके लिए बहुत ही ज्यादा स्पेशल है। साल 2006 में डॉ. मनमोहन सिंह को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से डॉक्टर ऑफ लॉ से सम्मानित किया गया था। जब वो स्टेज पर जा रहे थे तो, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग प्रिंस फिलिप ने उनकी पगड़ी की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि, 'देखो उनकी पगड़ी का रंग।' इसके बाद ही डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया था कि लाइट नीला रंग उनको बहुत ही ज्यादा पसंद है और जब वो नीली पगड़ी पहनते हैं तो, उनको कैंब्रिज के दिनों की याद आती है। डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था कि, 'जब मैं कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ता था, तो मैं सिर्फ और सिर्फ नीले रंग की पगड़ी पहनता था। इसके बाद मेरे सारे दोस्त मुझे 'ब्लू टर्बन' के नाम से बुलाने लगे थे। जिसके बाद ये मेरा निकनेम ही बन गया।'यही वजह थी जो डॉ. मनमोहन सिंह नीली पगड़ी पहनते थे। डॉ. मनमोहन सिंह अपनी नीली पगड़ी को अपनी पहचान का एक बड़ा हिस्सा मानते थे।
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