सुबह से शाम तक सूरज की रोशनी में रामलला के दर्शन के साथ अब रात में भी चांद के दूधिया प्रकाश की छटा के बीच भक्त अपने आराध्य को निहार सकेंगे। प्राण प्रतिष्ठा के बाद दर्शन की अवधि बढ़ाई जाएगी। मंगला और शयन आरती भी शुरू होगी।
दुनिया में अनोखे होंगे मकराना के संगमरमर पर बने रामलला
भव्य राममंदिर में रामलला की नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। तीन मूर्तिकारों ने तीन मूर्तियां बनाई हैं। इनमें से सर्वाेत्तम मूर्ति को गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठित किया जाएगा। राजस्थान के मूर्तिकार सत्यनारायण पांडेय ने मकराना के संगमरमर पर जो मूर्ति बनाई है, वह रामलला की दुनिया में सबसे अनोखी मूर्ति है।
सत्यनारायण पांडेय ने जिस अचल मूर्ति को आकार दिया है, उसमें सबसे पहले रामलला की मूर्ति होगी। उसके पिछले हिस्से में छोटे आकार में भगवान श्रीहरि के 10 अवतारों के भी दर्शन होंगे।
धार्मिक स्थलों से जुड़ेगी रामनगरी
रामनगरी को प्रदेश ही नहीं देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जोड़ा जाएगा। अयोध्या से वाराणसी, विंध्यवासिनी मंदिर, मथुरा, वृंदावन, बरसाने, गोवर्धन, गोरखपुर स्थित गोरक्षनाथ मंदिर, कुशीनगर में महा परिनिर्वाण मंदिर, चित्रकूट कामतानाथ मंदिर, कामतगिरी परिक्रमा, रामराजा सरकार, दतिया स्थित पीतांबरा माता मंदिर, राजस्थान में मेहंदीपुर बालाजी, खाटू श्माम जी और पुष्कर के लिए भी बसें संचालित की जाएंगी।
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