सब्जियों का ठेला लगाते थे दिव्या के पिता
दिव्या की बचपन की एक सहेली ने मीडिया को बताया कि दिव्या बचपन से ही बहुत महत्वाकांक्षी थी। खाने को रोटी और सिर ढंकने के लिए मकान था, लेकिन उसके सपनों के आगे ये गुरबत की जिंदगी थी। उसे हमेशा अपने विकलांग पिता की आमदनी कम लगती थी, क्योंकि वो रोज नए-नए कपड़े पहनना चाहती थी। पिता सब्जी बेचकर कितना कमा पाते।स्कूल के दौरान ही करने लगी थे एंकरिंग
सहेली बताती है कि हम लोग सेक्टर 10-A के एक प्राइवेट स्कूल (Divya Pahuja Murder Case) में पढ़ते थे। स्कूल के दिनों में ही उसने तय कर लिया था कि वह मॉडल बनेगी और खूब पैसा कमाएगी। सुंदर तो वो थी ही और उसकी जुबान भी साफ थी। वह कभी-कभी कंघे को माइक बनाकर एंकर की तरह बोलती रहती थी। स्कूल के दौरान ही उसे एंकरिंग का काम मिलने लगा। उसने छोटी-मोटी पार्टियों में एंकरिंग शुरू कर दी।हाई प्रोफाइल पार्टियों में जाती थी दिव्या
सहेली बताती है, ‘मुझे याद है पहली बार उसने एक पार्टी में एंकरिंग के लिए शॉर्ट स्कर्ट पहना था। जब वह रात को लौटी थी तो उसके पिता ने उसकी पिटाई कर दी। उसने छोटे कपड़े पहनने तो नहीं बंद किए, लेकिन पिता से छुपाना जरूर शुरू कर दिया।’ दिव्या पैसा कमाने लगी थी। वह कभी-कभार स्कूल आती थी। वो जानती थी कि आगे बढ़ने के लिए पढ़ना जरूरी है। उसने खुद से कॉमर्स में एडमिशन लिया, लेकिन बीच में ही कॉलेज छोड़ दिया। वो मुझे वाट्सऐप पर फोटोज भेजती, जो हाई प्रोफाइल पार्टियों के होते थे। उसके फोटो न्यूज पेपर में छपने लगे थे। 2016 में आखिरी बार उसने मुझे न्यू ईयर विश किया था। उसके बाद उसके मैसेज आने बंद हो गए। बाद में पता चला कि उसको जेल हो गई है।दिव्या पाहुजा की गैंगस्टर संदीप गडोली से दोस्ती और उसकी मौत की साजिश में जेल जाने की 2 कहानियां…
1. पार्टी में मिले और प्यार हो गया, दिव्या की मदद से एनकाउंटर
दिव्या पार्टियों में जाती थी। इस दौरान उसकी मुलाकात गुरुग्राम के कुख्यात गैंगस्टर संदीप गडोली से हुई। दोनों की मुलाकात शुरू हो गई। संदीप ने प्रपोज किया, जिसे दिव्या ने एक्सेप्ट कर लिया।कौन है संदीप गोडालि?
दरअसल, गैंगस्टर संदीप 1999 से अपराध की दुनिया में था और उस पर 40 से ज्यादा केस दिल्ली और आसपास के राज्यों में दर्ज थे। उस पर हरियाणा पुलिस ने एक लाख का ईनाम रखा था। पुलिस ने दिव्या की निगरानी शुरू कर दी। उसकी निगरानी की मदद से गुरुग्रामी पुलिस ने मुंबई में 7 फरवरी 2016 को संदीप गडोली का एनकाउंटर कर दिया।2. हरियाणा पुलिस का हनी ट्रैप और फर्जी एनकाउंटर
ये कहानी मुंबई पुलिस की जांच के अनुसार है। मुंबई पुलिस ने इसे फर्जी एनकाउंटर मानकर जांच की थी। इसमें छह पुलिसकर्मी, मॉडल दिव्या पाहुजा और उसकी मां को साजिश में शामिल पाया था। बाद में सभी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था।गुरूग्राम पुलिस ने बनाया था हनी ट्रैप प्लान?
मुंबई पुलिस के अनुसार गुरुग्राम पुलिस ने एक हनी ट्रैप प्लान बनाया। इसके लिए एक सुंदर लड़की की तलाश थी जो मॉडल दिव्या पाहुजा पर आकर खत्म हुई। पुलिस ने दिव्या को संदीप से मिलवाया और उसे प्यार के जाल में फंसवाया। दिव्या ने संदीप को मुंबई के अंधेरी स्थित एयरपोर्ट मेट्रो होटल में बिना हथियार बुलाया। जब वह आ गया तो दिव्या ने पुलिस को सूचना दी और गुरुग्राम पुलिस के जवानों ने संदीप का फर्जी एनकाउंटर कर दिया। इसके बाद दिव्या को भगा दिया। दिव्या के पिता विकलांग हैं और वो सब्जी का ठेला लगाते हैं। जब से दिव्या की हत्या की बात सामने आई है, उन्होंने ठेला लगाना बंद कर दिया है।7 साल जेल में रही, जमानत पर रिहा हुई थी
मुंबई पुलिस ने जब दिव्या को गिरफ्तार किया तब दिव्या 18 साल की थी। पिछले साल जनवरी में दिव्या ने बॉम्बे के सेशन कोर्ट के जज को लेटर लिखकर जमानत की अपील की थी। 29 जनवरी 2023 को टाइम्स ऑफ इंडिया मुंबई में छपी खबर के अनुसार भायखला जेल से दिव्या ने लिखा था कि गैंगस्टर संदीप गडोली ने उसे धमकी दी थी कि अगर वो उसके साथ नहीं गई तो वो उसकी 15 साल की बहन और अपाहिज पिता का अपहरण कर लेगा। परिवार को बचाने के लिए मैंने हरियाणा पुलिस की मदद की। दिव्या ने लिखा कि मेरे और आरोपी पुलिसवालों के बीच न कोई कॉल हुआ है न ही कोई रुपए का लेन-देन। कृपया मुझे अपने परिवार की मदद करने के लिए और अपना जीवन संवारने के लिए जमानत दी जाए। इसके बाद कोर्ट ने दिव्या को जमानत दे दी थी। दिव्या सात साल से जेल में थी।जानें दिव्या पाहुजा मर्डर मिस्ट्री से जुड़ी ये अहम बातें
- पुलिस के मुताबिक मंगलवार 2 जनवरी की रात मॉडल दिव्या पाहुजा को गुरुग्राम के होटल सिटी पाइंट में होटल व्यापारी अभिजीत सिंह के साथ कमरे में गई थी। ये होटल अभिजीत का है, लेकिन उसने इसे किराए पर दे रखा है।- अभिजीत ने पुलिस को बताया कि दिव्या के पास उसके कुछ न्यूड फोटो और वीडियो थे। इन्हीं के बूते पर वो अभिजीत को ब्लैकमेल करती थी। अभिजीत के मुताबिक, पहले तो दिव्या कुछ हजार रुपए लेकर मान जाती थी, लेकिन इस बार वो बहुत मोटी रकम मांग रही थी।
- वो दिव्या को होटल में ले गया और उसने कहा कि वो फोटो और वीडियो डिलीट कर दे। दिव्या ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद अभिजीत ने दिव्या का फोन लिया और पासवर्ड मांगा ताकि वो खुद फोटो-वीडियो डिलीट कर सके, लेकिन दिव्या ने मना कर दिया। गुस्से में अभिजीत ने दिव्या के सिर में गोली मार दी।
- हत्या के बाद अभिजीत ने अपने दो साथियों को लाश को ठिकाने लगाने के लिए बुलाया। उसकी लाश को एक कपड़े में लपेटकर अपनी BMW कार में रखवाया। लाश घसीटने का CCTV फुटेज भी पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस के अनुसार इस हत्या में होटल का सफाईकर्मी हेमराज और रिसेप्शनिस्ट ओम प्रकाश भी शामिल है।
- पुलिस ने तीन आरोपियों में होटल मालिक अभिजीत सिंह (56), दो कर्मचारी हेमराज (28) और ओमप्रकाश (23) को गिरफ्तार कर लिया है। अभिजीत हिसार के मॉडल टाउन निवासी, हेमराज नेपाल और ओमप्रकाश पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। लाश को ठिकाने लगाने के लिए अभिजीत ने 10 लाख रुपए दिए हैं।
- पुलिस को अभी तक दिव्या की लाश नहीं मिली है। उसका अनुमान है कि लाश को पंजाब में कहीं ठिकाने लगाया गया है। एक अनुमान ये भी है कि लाश को घग्गर नदी में फेंक दिया गया है। पुलिस रास्तों से CCTV फुटेज जुटा रही है ताकि लाश का पता चल सके। दिव्या पार्टीज में जाया करती थी। इन पार्टीज की मीडिया कवरेज भी होती थी। जब उसका फोटो पब्लिश होता तो वो उसे अपने दोस्तों को भेजा करती थी।
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