शालीमार बाग विधानसभा सीट जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचने वालीं रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री होंगी। रेखा को चुनकर भाजपा ने कई राजनीतिक संदेश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प नारी, युवा, किसान और गरीब के चार ‘अमृत स्तंभों’ के खांचे में रेखा गुप्ता फिट बैठती हैं। महिला होने के साथ ही वे तेजतर्रार युवा नेता भी हैं। छात्र जीवन से सक्रिय राजनीति में दखल उन्हें सियासी तौर पर मजबूत बनाता है।
भाजपा ने सधे हुए राजनीतिज्ञ की तरह रेखा गुप्ता को सीएम बनाकर वैश्य और हरियाणा कार्ड भी खेला है। वहीं, दिल्ली विधानसभा में आप की आतिशी नेता प्रतिपक्ष बनती हैं तो उनके महिला कार्ड का जवाब भाजपा का महिला कार्ड से ही दिया जाएगा। रेखा दिल्ली की चौथी और वर्तमान में देश की दूसरी महिला मुख्यमंत्री होंगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी करीबी
रेखा का संघ परिवार से तीस साल पुराना नाता है। वे छात्र राजनीति से ही सक्रिय रही हैं। भाजपा के छात्र संगठन में भी लंबे समय तक काम कर चुकी हैं। 1996-97 में दिल्ली छात्र संघ में काफी सक्रिय रही हैं। छात्र संघ से सियासी सफर शुरू करके निगम में सक्रिय दखल रखने वाली रेखा गुप्ता को दिल्ली की नब्ज पता है। वे दिल्ली की मौजूदा सियासत में फिट बैठती हैं।
महिला और युवाओं में पैठ
रेखा को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर भाजपा ने दिल्ली की महिलाओं और युवाओं में भी पैठ बनाने की कोशिश की है। भाजपा अपने चुनावी राज्यों में आधी आबादी को साधने के लिए महिला सम्मान योजना संकल्प पत्र में रखती है। दिल्ली वालों से भी वादा किया है कि पहली कैबिनेट बैठक में महिला सम्मान योजना के तहत 2500 रुपये देने का फैसला लिया जाएगा। इसी तरह छात्रराजनीति से दिल्ली की मुख्यमंत्री तक का सफर करने वाली रेखा के माध्यम से भाजपा युवा वर्ग को भी साधने का प्रयास करेगी।
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