केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) द्वारा तैयार किए गए एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम मेडिकल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर केंद्रित है।
एनबीईएमएस ने डॉक्टरों के लिए लॉन्च किया AI प्रशिक्षण कार्यक्रम
यह विशेष प्रशिक्षण लगभग 50,000 डॉक्टरों के लिए बनाया गया है। कार्यक्रम में डॉक्टरों को एआई की बुनियादी जानकारी दी जाएगी और यह बताया जाएगा कि क्लिनिकल प्रैक्टिस, डायग्नोस्टिक्स, क्लिनिकल निर्णय, रिसर्च और मेडिकल शिक्षा में एआई का कैसे उपयोग किया जा सकता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों की डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाना है, ताकि वे स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा में एआई आधारित टूल्स का सहजता से उपयोग कर सकें।
कार्यक्रम के लॉन्च पर खुशी जताई
अनुप्रिया पटेल ने कार्यक्रम के लॉन्च पर खुशी जताई और बताया कि अब तक 42,000 से अधिक डॉक्टरों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। उन्होंने इसे समय पर और दूरदर्शी पहल बताया और कहा कि भारत जैसे देश में जहां गैर-संचारी बीमारियां और टीबी जैसी चुनौतियां बड़ी हैं, ऐसे कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं को केवल इलाज तक सीमित न रखकर रोकथाम और सक्रिय दृष्टिकोण की दिशा में ले जा सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर
राज्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मकसद डॉक्टरों की जगह लेना नहीं है, बल्कि उनकी क्षमताओं को मजबूत करना है। यह डॉक्टरों की कमी को पूरा करने और बढ़ती मरीज संख्या को संभालने में मदद करेगा। उन्होंने नैतिकता, पहुंच और जवाबदेही पर भी जोर दिया, ताकि एआई का उपयोग रोगियों के हित में और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जा सके।
अनुप्रिया पटेल ने इस पहल की सराहना की
अनुप्रिया पटेल ने एनबीईएमएस की इस पहल की भी सराहना की और कहा कि संस्थान ने कार्यक्रम की योजना और अमल में बेहतरीन काम किया है। एनबीईएमएस उभरती तकनीकों को अपनाकर मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
डॉक्टरों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुन्या सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि यह पहल मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने और देशभर के डॉक्टरों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें उभरती तकनीकों को जिम्मेदारी से अपनाने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और भारत के डिजिटल स्वास्थ्य लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करती हैं।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ वर्चुअली शामिल हुए
एनबीईएमएस के अध्यक्ष डॉ. अभिजात सेठ ने बताया कि यह कार्यक्रम मेडिकल शिक्षा को आधुनिक बनाने और डॉक्टरों की क्षमता निर्माण को मजबूत करने की एनबीईएमएस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने मंत्रालय के निरंतर समर्थन के लिए आभार जताया और उम्मीद व्यक्त की कि यह कार्यक्रम डॉक्टरों को सशक्त बनाएगा और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने में योगदान देगा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, एनबीईएमएस के पदाधिकारी और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ वर्चुअली शामिल हुए। यह पहल भारत में एआई की मदद से स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Comments (0)