अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम में चुनाव के बाद बढ़ती अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एस सेम्मालाई ने प्राथमिक सदस्यता और पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी महासचिव ए पलानीस्वामी को पत्र लिखकर अपना फैसला सुनाया।
पत्र में जताई गहरी नाराजगी
इस्तीफा पत्र में सेम्मालाई ने पार्टी के मौजूदा हालात पर गहरी पीड़ा जताई। उन्होंने लिखा कि चुनाव के बाद पार्टी में जो घटनाक्रम हो रहे हैं, उससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतनी बड़ी राजनीतिक विरासत वाली पार्टी का यही भविष्य रह गया है।
एमजीआर और जयललिता का किया जिक्र
सेम्मालाई ने पत्र में एम. जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस पार्टी को इन नेताओं ने खड़ा किया और मजबूत बनाया, आज उसका यह हाल देखकर दुख होता है। उन्होंने भावुक शब्दों में लिखा कि कपूर घुल सकता है, लेकिन क्या कोई राजनीतिक दल भी इस तरह बिखर सकता है।
टूट के संकेत तेज
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एआईएडीएमके में यह इस्तीफा पार्टी के भीतर गहरी असहमति का संकेत है। चुनावी हार के बाद नेतृत्व और संगठन को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।