रायपुर। 14 अप्रैल को देशभर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। छत्तीसगढ़ में भी इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए गए। लेकिन इस बीच प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है और कांग्रेस व बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, बीजेपी पर साधा निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरजीत भगत ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें “भारत का भाग्यविधाता” बताया। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पहले अंबेडकर के विचारों के विपरीत बयान दिए गए और अब जयंती के मौके पर कार्यक्रम आयोजित कर छवि सुधारने की कोशिश की जा रही है।
बीजेपी का पलटवार, कांग्रेस पर लगाया आरोप
वहीं, बीजेपी की ओर से भी जवाबी हमला किया गया। रायपुर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि अंबेडकर का सबसे ज्यादा राजनीतिक इस्तेमाल कांग्रेस ने ही किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को अंबेडकर के इतिहास की सही जानकारी तक नहीं है।
दलित राजनीति और वोट बैंक की पृष्ठभूमि
अंबेडकर जयंती जैसे अवसरों पर सियासी बयानबाजी नई नहीं है। दलित वोट बैंक और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच लंबे समय से प्रतिस्पर्धा रही है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां सामाजिक समीकरण राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं, ऐसे मुद्दों पर राजनीतिक सक्रियता और भी बढ़ जाती है।