असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के हित में एक अहम कल्याणकारी पहल की घोषणा की। इसके तहत अब सरकारी कर्मचारी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अग्रिम वेतन (एडवांस सैलरी) की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे यह घोषणा दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन में ‘स्वागत सतीर्थ पोर्टल 2.0’ के शुभारंभ के दौरान की गई। यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विभिन्न सरकारी विभागों में कर्मचारियों के तबादलों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और कर्मचारी-हितैषी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत मिलेगी अग्रिम वेतन सुविधा
नई व्यवस्था के अनुसार राज्य सरकार के कर्मचारी अग्रिम वेतन प्राप्त कर सकेंगे। इस राशि को कर्मचारी या तो एकमुश्त लौटा सकते हैं अथवा अधिकतम एक वर्ष की अवधि में किश्तों के माध्यम से वापस कर सकेंगे। इस सुविधा पर संबंधित बैंक को नाममात्र का ब्याज देना होगा।
भुगतान के विकल्प के अनुसार तय होगा ब्याज
मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी नियमित मासिक वेतन मिलने के तुरंत बाद अग्रिम राशि लौटा देंगे, उनसे कम ब्याज लिया जाएगा। वहीं किश्तों में भुगतान करने वाले कर्मचारियों को अपेक्षाकृत अधिक ब्याज देना होगा।
निजी साहूकारों पर निर्भरता कम करना उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आपात स्थितियों में कर्मचारियों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें निजी साहूकारों या अधिक ब्याज वाले ऋणों पर निर्भर होने से बचाना है।
साल में दो बार खुलेगा तबादला पोर्टल
स्वागत सतीर्थ ट्रांसफर पोर्टल को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि इसे एक वित्तीय वर्ष में दो बार खोला जाएगा, जिससे पारदर्शी और निष्पक्ष तबादला प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि तबादलों का एक और चरण 31 मार्च से पहले पूरा किया जाएगा।
9,000 कर्मचारी दोबारा नहीं कर सकेंगे आवेदन
पात्रता को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पहले चरण में इस पोर्टल के माध्यम से तबादले का लाभ ले चुके लगभग 9,000 कर्मचारी पुनः आवेदन के पात्र नहीं होंगे। हालांकि, जो कर्मचारी पहले इस सुविधा से वंचित रह गए थे, वे अब आवेदन कर सकेंगे।
7 मार्च तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि पोर्टल का पिछला संस्करण 1 जनवरी 2025 से 7 जून 2025 तक खुला था और सरकार का लक्ष्य इस बार की तबादला प्रक्रिया को 7 मार्च तक पूरा करने का है।
चुनाव आयोग को दी जाएगी जानकारी
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि चूंकि यह पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक है और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है, इसलिए इसकी जानकारी चुनाव आयोग को भी दी जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों से 15 दिनों के भीतर आवेदन करने का आग्रह किया।
कर्मचारी कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी पहलें कर्मचारी कल्याण, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के प्रति राज्य सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
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