देश के अलग-अलग राज्यों में ट्रक ड्राइवर्स प्रदर्शन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में ड्राइवर्स ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि उन्होंने आगजनी भी की है। उनका विरोध 'हिट-एंड-रन' के नए नियमों को लेकर हो रहा है। जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म ने 'हिट-एंड-रन' नियमों को 'मोटर व्हीकल एक्ट' का हिस्सा बताया है। हालांकि, अब इस पर ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने सफाई दी है।
'हिट-एंड-रन' को लेकर किए गए कड़े प्रावधान
ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने मंगलवार (2 जनवरी) को कहा है कि कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूदा ट्रकों की हड़ताल को मोटर व्हीकल एक्ट से जोड़कर देखा जा रहा है। मगर ये गलत है। इसका संबंध संसद में पास नए कानून से है, न कि व्हीकल एक्ट से। दरअसल, हाल ही में संसद से भारतीय न्याय संहिता कानून को पास किया गया है, जिसमें 'हिट-एंड-रन' को लेकर कड़े प्रावधान किए हैं। ट्रक ड्राइवर्स ने इन प्रावधानों को लेकर ही प्रदर्शन किया है। अभी ये कानून लागू नहीं हुआ है।'हिट-एंड-रन' को लेकर क्या प्रावधान हैं?
भारतीय न्याय संहिता के जरिए औपनिवेशिक युग के इंडियन पीनल कोड को बदला गया है। इसमें 'हिट-एंड-रन' को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं। खासतौर पर उस संबंध में, जिसमें अगर कोई दोपहिया वाहन चालक को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो जाता है और अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं देता है। नए कानून के तहत 'हिट-एंड-रन' में शामिल व्यक्ति पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि उसे 10 साल जेल की सजा भी हो सकती है।हड़ताल की वजह से जरूरी चीजों की सप्लाई प्रभावित
नए नियमों को लेकर ही ट्रक ड्राइवर्स के जरिए प्रदर्शन किया जा रहा है। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान समेत देश के प्रमुख राज्यों में ट्रक ड्राइवर्स सड़क पर उतर आए हैं। ट्रक ड्राइवरों के प्रदर्शन की वजह से जरूरी चीजों की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इसका सीधा सबसे पहले पेट्रोल पंपों पर देखने को मिला है। ईंधन की सप्लाई नहीं होने की वजह से मुंबई, ठाणे जैसे शहरों के पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो रहा है। पेट्रोल पंप के बाहर लंबी लाइनें भी लगी हुई नजर आ रही हैं।Read More: विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बड़ा बयान, ‘पाकिस्तान से वार्ता चाहते हैं, पर शर्तों पर नहीं’
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