पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर पैनी नजर रखने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है।
माइक्रो ऑब्जर्वरों की अहम भूमिका
मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने में माइक्रो ऑब्जर्वरों को अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें मतदान के दौरान सभी गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी अनियमितता की तुरंत जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशिक्षण के जरिए दी गई जरूरी जानकारी
माइक्रो ऑब्जर्वरों को उनके दायित्व समझाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें मतदान से एक दिन पहले डिस्पैच सेंटर पहुंचना होगा और टीम के साथ बूथों के लिए रवाना होना होगा।
मतदान से पहले बूथ निरीक्षण अनिवार्य
निर्देशों के अनुसार, सभी माइक्रो ऑब्जर्वरों को मतदान शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचकर मॉक पोल, एजेंटों की मौजूदगी और जरूरी व्यवस्थाओं की जांच करनी होगी।
आपात स्थिति से निपटने की तैयारी
प्रशिक्षण में अधिकारियों ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के उपायों की जानकारी दी। माइक्रो ऑब्जर्वरों को प्रशासन, पुलिस और कंट्रोल रूम के जरूरी संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं।
मतदाताओं की सुविधा पर विशेष ध्यान
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को प्राथमिकता दी जाएगी और कतार व्यवस्था को व्यवस्थित रखने पर जोर रहेगा।
शाम 6 बजे तक मतदान, सुरक्षा कड़ी
मतदान शाम 6 बजे तक होगा। उस समय तक कतार में मौजूद मतदाताओं को वोट देने का अवसर मिलेगा, लेकिन उसके बाद किसी नए मतदाता को शामिल नहीं किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से 100 मीटर के दायरे में सख्त नियंत्रण रहेगा और मतदान के बाद ईवीएम-वीवीपैट को सुरक्षित रखा जाएगा।