यूपी के अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में होने जा रहे प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां अपने अंतिम पड़ाव पर हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले सभी जरूरी चीजों को पूरा किया जा रहा है। इस बीच पूर्व सीएम उमा भारती ने कांग्रेस और वाम दलों को राम मंदिर जाकर प्रायश्चित करने की सलाह दी है। राम मंदिर आंदोलन की प्रमुख नेता उमा ने इन दलों पर राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान विषाक्त माहौल बनाने का आरोप लगाया है।
6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचे का विध्वंस हुआ था
राम मंदिर आंदोलन की प्रमुख नेता उमा भारती ने अपने इस बयान में आगे कहा है कि, देश के पहले पीएम नेहरू द्वारा हिंदुओं और मुसलमानों दोनों को खुश रखने की कोशिश के कारण अंततः 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचे का विध्वंस हुआ था। इसके बाद वामपंथियों और कांग्रेसियों ने उस समय विषाक्त माहौल बनाया। पूर्व सीएम ने कहा कि, सबसे बड़ा प्रायश्चित यह होगा कि, आप बिना निमंत्रण के वहां जाएं, सरयू नदी में डुबकी लगाएं और भगवान श्री राम के सामने खड़े होकर कान पकड़कर क्षमा मांगे।
कांग्रेस की राम राज्य में कोई आस्था नहीं - पूर्व सीएम
एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती ने आगे दावा किया है कि, 1949 में रामलला के प्रकट होने से पहले भी अयोध्या के विवादित ढांचे में नमाज नहीं पढ़ी जाती थी। बीजेपी की सीनियर नेत्री ने कहा कि, कांग्रेस दुविधा में है क्योंकि उसकी राम या राम राज्य में कोई आस्था नहीं है और उसे मुसलमानों की भी चिंता नहीं है बल्कि वह केवल वोट चाहती है। राम मंदिर आंदोलन की प्रमुख नेता उमा ने इस दौराय यह भी कहा कि, कांग्रेस ने राम और राम-सेतु के अस्तित्व को नकार दिया था।
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