उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बद्रीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे बंद है, जबकि चोपता-ऊखीमठ हाईवे धौतीधार से और ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे भापकुंड से आगे बाधित है। बता दें कि, बर्फबारी के कारण बद्रीनाथ धाम में चल रही महायोजना का कार्य ठप हो गया है।
400 से अधिक अधिकारी हुई घरों में कैद
भारी बर्फबारी के कारण बद्रीनाथ धाम में कार्यरत 400 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर बर्फबारी के चलते अपने कमरों में कैद हो गए हैं। मंगलवार सुबह तक हुई बर्फबारी के कारण बदरीनाथ, हेमकुंड, गौरसों, औली, मंडल घाटी और दूरस्थ गांवों जैसे रामणी, पाणा और ईराणी पूरी तरह बर्फ से ढक गए हैं। बर्फबारी के कारण बदरीनाथ धाम में डेढ़ फीट से अधिक बर्फ जमा हो गई है। आपपको बता दें कि, बर्फबारी के कारण बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे अवरुद्ध है। हाईवे की बहाली का कार्य मौसम में सुधार होने के बाद ही शुरू हो पाएगा।
मवेशियों पर भी बर्फबारी का पड़ा असर
दरअसल, बद्रीनाथ क्षेत्र के माणा और बामणी गांव में छोड़े गए मवेशियों पर भी बर्फबारी का असर पड़ा है। इन मवेशियों के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गई थी। बर्फबारी के कारण मवेशियों के लिए घास उपलब्ध नहीं हो पाई, जिससे उनका जीवन संकट में था।
बढ़ने लगी पर्यटकों की आवाजाही
हालांकि, बर्फबारी ने चमोली जिले के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊर्जा दी है। औली और बदरीनाथ क्षेत्र में बर्फबारी देखने के लिए पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। औली में स्कीइंग और अन्य गतिविधियों के लिए यह मौसम अनुकूल है। इसके बावजूद स्थानीय निवासियों और अधिकारियों के लिए यह समय चुनौतियों से भरा है।
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