पश्चिम बंगाल के कैनिंग क्षेत्र में मंगलवार सुबह चुनावी माहौल उस वक्त हिंसक हो गया, जब आईएसएफ नेता अराबुल इस्लाम के काफिले पर हमला कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, वह कैनिंग पूर्व विधानसभा क्षेत्र के देउली-1 ग्राम पंचायत में प्रचार के लिए पहुंचे थे, तभी कथित तौर पर तृणमूल समर्थित लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया।
बांस-लाठी से हमला, गाड़ी के शीशे तोड़े गए
आरोप है कि हमलावरों ने बांस और लाठियों से अराबुल की गाड़ी पर ताबड़तोड़ हमला किया। इस दौरान गाड़ी के विंडो ग्लास पूरी तरह चकनाचूर हो गए। घटना के वक्त अराबुल गाड़ी के अंदर ही मौजूद थे। हमले की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें महिलाओं समेत कई लोगों को गाड़ी पर हमला करते देखा जा सकता है।
आईएसएफ कार्यकर्ताओं की पिटाई, नेता को सुरक्षित निकाला गया
हमले के दौरान आईएसएफ कार्यकर्ताओं के साथ भी मारपीट की गई। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने किसी तरह अराबुल इस्लाम को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया।
प्रदर्शन और सड़क जाम, गिरफ्तारी की मांग
हमले के विरोध में आईएसएफ समर्थकों ने बसंती हाईवे के घटकपुकुर चौराहे पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान अराबुल इस्लाम और उनके बेटे हाकिमुल इस्लाम भी मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
अराबुल इस्लाम का आरोप— “मुझे मारने की कोशिश हुई”
अराबुल इस्लाम ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “यहां किसी को चुनाव नहीं करने दिया जाता। जो भी उम्मीदवार होता है, उस पर हमला किया जाता है। मुझ पर भी जानलेवा हमला हुआ है। उनके पास हथियार और तलवारें थीं।”
शौकत मोल्ला का पलटवार
वहीं, कैनिंग पूर्व के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला ने अराबुल इस्लाम पर निशाना साधते हुए कहा, “नाम ही अराबुल है, समाजविरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। इस तरह की राजनीति का अंजाम अच्छा नहीं होगा। रैली के नाम पर लोगों को पीटा गया, यह निंदनीय है।”