चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में जांच तेज हो गई है। सीबीआई ने मंगलवार को चंडीगढ़ सेक्टर-2 स्थित मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस की कोठी नंबर 50 और सीएम के OSD राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े परिसर पर कार्रवाई की। सीबीआई की टीम सुरक्षा बलों के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद हुई है, जिसमें ईडी की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजे गए पत्रों में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने सीबीआई को एफआईआर दर्ज कर दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI की कार्रवाई
मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजे गए पत्रों से हुई थी। इन पत्रों में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों पर कथित भ्रष्टाचार और सरकारी कामकाज को प्रभावित करने जैसे आरोप लगाए गए थे।पंजाब पुलिस की ओर से कथित तौर पर कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद अधिवक्ता निखिल सराफ की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया।हाईकोर्ट ने सीबीआई को आपराधिक मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
OSD राजबीर सिंह घुम्मन पर क्या आरोप हैं?
मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन का नाम सामने आया है। ईडी की ओर से लगाए गए आरोपों में सरकारी तबादलों और पोस्टिंग को प्रभावित करने, अनुकूल नीतियां हासिल करने और अन्य सरकारी कामकाज में कथित हस्तक्षेप जैसे आरोप शामिल हैं।ईडी के पत्रों के आधार पर आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने भी मामले में उपलब्ध सामग्री को देखते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच की जरूरत बताई।
सीबीआई ने दर्ज की FIR, बड़े दलबल के साथ पहुंची टीम
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद मंगलवार को टीम ने चंडीगढ़ में कार्रवाई की। सीबीआई अधिकारियों के साथ सुरक्षा बलों की मौजूदगी भी रही। जांच टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। राज्य सरकार ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल कर सीबीआई जांच के निर्देश को चुनौती दी है।पंजाब सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया और इसे संघीय ढांचे से जुड़ा मुद्दा बताया। सुप्रीम कोर्ट में इस चुनौती पर सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
ED के पत्रों से शुरू हुआ था पूरा मामला
ईडी ने पंजाब के डीजीपी को तीन पत्र भेजकर मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इन पत्रों में सरकारी तबादलों और पोस्टिंग समेत अन्य सरकारी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के कथित आरोपों का उल्लेख किया गया था।हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि ईडी की ओर से जानकारी दिए जाने के बावजूद राज्य स्तर पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। इसी आधार पर स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की गई थी।
मामले में आगे क्या होगा?
अब सीबीआई की जांच में आरोपों से जुड़े दस्तावेज, संबंधित लोगों की भूमिका और सरकारी प्रक्रियाओं पर कथित प्रभाव समेत अलग-अलग पहलुओं की जांच होगी। हाईकोर्ट ने एजेंसी को दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ऐसे में मामले की जांच और उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया दोनों पर आगे की नजर रहेगी।