आर्मी चीफ ने कहा कि भूटान और चीन के बीच जारी सीमा वार्ता पर हमारी करीबी नजर है। दरअसल भूटान और चीन के बीच सीमा को लेकर बातचीत हो रही है। भूटान और चीन के बीच जिस सीमा को लेकर विवाद है, उसमें डोकलाम भी शामिल है। डोकलाम एक ट्राई-जंक्शन है, जहां भारत, चीन और भूटान की सीमा है। भारत और चीन के बीच साल 2017 में डोकलाम को लेकर विवाद भी हो चुका है। दरअसल डोकलाम का इलाका भारत के चिकन नेक कहे जाने वाले उत्तर पूर्वी इलाके के नजदीक पड़ता है। इसलिए भारत के लिए डोकलाम का इलाका बेहद अहम हो जाता है और भारत नहीं चाहता कि डोकलाम में चीन का दबदबा रहे।
अग्निवीरों के दो बैच तैनाती के लिए तैयार
थलसेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने गुरुवार को बताया कि 'अग्निवीरों के पहले दो बैच फील्ड यूनिट में तैनाती के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इनके फीडबैक काफी अच्छे और उत्साहजनक हैं। 120 महिला अअधिकारियों को भी कमांड भूमिका में स्थायी कमीशन दिया गया है और उनकी फील्ड एरिया में भी तैनाती की गई है। वह भी अच्छा काम कर रही हैं।'
भारत-म्यांमार सीमा पर भी हालात चिंताजनक
भारत-म्यांमार सीमा की स्थिति भी हमारे लिए चिंता का विषय है। बीते कुछ महीनों में म्यांमार सेना और जातीय सशस्त्र संगठनों की गतिविधियों से वाकिफ हैं। म्यांमार के कुछ नागरिक भी मिजोरम के साथ-साथ मणिपुर में शरण ले रहे हैं। चिंता की बात यह है कि भारत-म्यांमार सीमा पर कुछ विद्रोही समूह दबाव महसूस कर रहे हैं और वह मणिपुर की सीमा में घुसने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी स्थिति पर नजर है।
जम्मू कश्मीर में राजौरी और पुंछ में बढ़ी आतंकी घटनाएं
जम्मू कश्मीर के हालात पर थलसेना अध्यक्ष ने कहा जहां तक जम्मू कश्मीर की बात है, एलओसी पर सीजफायर जारी है, लेकिन घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं, जिन्हें हमने नाकाम किया है। हमने मजबूत एंटी ड्रोन सिस्टम बनाया है, जिससे ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी ना हो पाए। राजौरी और पुंछ के इलाकों में आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। 'हमारी उत्तरी सीमा पर हालात स्थिर, लेकिन तनावपूर्ण बने हुए हैं।
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